भगवान परशुराम के आदर्श दे रहे सामाजिक समरसता की प्रेरणा : डॉ. अरविंद शर्मा

परशुराम द्वार का लोकार्पण, भवन निर्माण हेतु 21 लाख की घोषणा
सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन समाज में सामाजिक समरसता और उच्च मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संत-महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
शनिवार को डॉ. शर्मा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और हांसी विधायक विनोद भ्याणा की उपस्थिति में नगर परिषद द्वारा स्थापित भगवान परशुराम द्वार का लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने रूपचंद पैलेस में आयोजित भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव एवं सम्मान समारोह में शिरकत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को महान विभूतियों के आदर्शों से जोड़ना है, ताकि वे समाज के उत्थान में योगदान दे सकें। उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन मूल्यों—सामाजिक समरसता, गुरुजनों व माता-पिता के सम्मान और शोषित वर्ग की सेवा—को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।

उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को संस्कारों और धर्म से जोड़ें तथा उन्हें परशुराम के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करें। साथ ही ब्राह्मण समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस समाज ने देश की आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. शर्मा ने भगवान परशुराम भवन के लिए जमीन की मांग का समर्थन करते हुए अपने स्वैच्छिक कोष से 21 लाख रुपये देने की घोषणा की।
वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भगवान परशुराम जयंती देशभर में उत्साह के साथ मनाई जा रही है और उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।
इस अवसर पर हांसी विधायक विनोद भ्याणा, उचाना विधायक देवेन्द्र अत्रि, झज्जर पुलिस आयुक्त आईपीएस डॉ. राजश्री एवं भगवान परशुराम सेवा समिति के प्रधान जगमोहन शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। आयोजन ने समाज में एकता, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।




