पांचवें बड़े मंगल पर पंचमेवा, पंचफल का भोग एवं पंच इत्र से हुआ हनुमान जी का दिव्य श्रृंगार

लखनऊ। ज्येष्ठ माह के पांचवें बड़े मंगल के अवसर पर प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ विशेष पूजा-अर्चना एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मंदिर में भगवान हनुमान जी का भव्य श्रृंगार कर उन्हें पंचमेवा एवं पंचफलों का विशेष भोग अर्पित किया गया। मंदिर में श्रृंगार के उपरांत हनुमान जी को मोगरा, केसर-चंदन, चमेली, बेला एवं चंदन के पंच इत्र अर्पित किए गए तथा भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया।

प्रातः 5 बजे मंगला आरती के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाया गया और भक्तों की उपस्थिति में उनका दिव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिर के मुख्य सेवादास डॉ. विवेक तांगड़ी ने विधिवत पूजन-अर्चन कर हनुमान जी की महाआरती संपन्न कराई।मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को पूड़ी, छोला, हलवा, पुआ एवं गुड़-चना का प्रसाद वितरित किया गया। भंडारा प्रातः 10 बजे से रात्रि 9 बजे तक निरंतर चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

सायंकाल आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में डॉ. विवेक तांगड़ी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुणों पर कथा का वाचन किया। इसके पश्चात भजन संध्या में भजनों की अमृतवर्षा हुई, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. पंकज सिंह भदौरिया, रिद्धि किशोर गौड़, आशीष अग्रवाल, अखिलेश कुमार, सुरेंद्र सूदन, अजय मेहरोत्रा एवं प्रहलाद अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सेवा कार्यों में सक्रिय योगदान दिया।
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