हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई, 45 दिन का विशेष अभियान शुरू

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य में बिजली चोरी और बकाया बिजली बिलों की समस्या पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य प्रवर्तन ब्यूरो (State Enforcement Bureau) ने पूरे हरियाणा में 45 दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बिजली चोरी से जुड़े मामलों में लंबित जुर्माने की वसूली करना, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना और बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के दौरान बिजली चोरी से संबंधित करीब 56 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्यभर में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ग्रामीण इलाकों में लगातार निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी अवैध बिजली कनेक्शन या मीटर से छेड़छाड़ के मामले सामने आएंगे, वहां तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऊर्जा विभाग का कहना है कि बिजली चोरी के कारण सरकारी खजाने को हर वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान होता है, जिसका सीधा असर बिजली व्यवस्था और विकास कार्यों पर पड़ता है। इसी वजह से सरकार ने इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ बिजली अधिनियम, 2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बिजली चोरी जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें और यदि उनके क्षेत्र में इस प्रकार की कोई घटना दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। सरकार का मानना है कि इस अभियान से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ भी मिलेगा।
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