सुरों की मल्लिका आशा भोसले को नम आंखों से विदाई, अंतिम यात्रा शुरू

भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती और ‘सुरों की मल्लिका’ आशा भोसले की अंतिम यात्रा आज भावुक माहौल के बीच शुरू हो गई। देशभर के करोड़ों संगीत प्रेमियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।मिली जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे मुंबई में किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा में परिवार, फिल्म जगत के कलाकारों, संगीतकारों और हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

कल जब ब्रीच कैंडी अस्पताल से उनके निधन की खबर सामने आई, तो पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। आज वह दुखद घड़ी आ गई है, जब 92 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।आशा भोसले ने अपने करीब आठ दशकों के करियर में भारतीय संगीत को 12 हजार से अधिक गीतों का अमूल्य खजाना दिया। उनकी आवाज ने पीढ़ियों को गुनगुनाना सिखाया और संगीत की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी।उनके निधन से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी मधुर आवाज, अनगिनत गीत और योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।
यह सिर्फ एक कलाकार की विदाई नहीं, बल्कि एक युग का अंत है।



