चेन्नई एयर शो से सबक, काशी में तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने तैयारियों का खाका, बोले- हमारे लिए स्टेट इवेंट; डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ की तर्ज पर तैयारी के निर्देश
लखनऊ, 8 अक्टूबर। चेन्नई एयर शो के दौरान सामने आई भीड़ और आपात स्थिति से सबक लेते हुए वाराणसी में प्रस्तावित एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले के लिए व्यापक सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है। काशी में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवा, गंगा और जमीन—तीनों स्तरों पर अलग-अलग रिस्पॉन्स प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी ली जाएगी।
एयर शो की तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुत किया गया। प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए महत्वपूर्ण आयोजन बताते हुए कहा कि “यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है।” उन्होंने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ की तर्ज पर व्यापक स्तर पर तैयारियां करने के निर्देश दिए।
वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले प्रस्तावित है। तैयारियों के दौरान चेन्नई एयर शो में सामने आई भीड़ की स्थिति को भी ध्यान में रखा गया है। इसके आधार पर काशी में क्राउड मैनेजमेंट और डिजास्टर रिस्पॉन्स की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
हवा, गंगा और जमीन पर अलग होगा रिस्पॉन्स
एयर शो के दौरान किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों को मौके पर निर्णय लेने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संभावित घटनाओं को ध्यान में रखते हुए हवा, पानी और जमीन के लिए पहले से अलग-अलग डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान तैयार किए जाएंगे।
हवा में किसी तरह की आपात स्थिति, गंगा में दुर्घटना या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ने की स्थिति में संबंधित एजेंसियां तय प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल कार्रवाई करेंगी। इस व्यवस्था में एनडीआरएफ की विशेषज्ञता का भी उपयोग किया जाएगा।
एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त संसाधन भी मंगाए जा सकेंगे।
तीन कंट्रोल रूम से जुड़ेगा मेडिकल रिस्पॉन्स
आपात स्थिति में सूचना मिलने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक की पूरी व्यवस्था को एकीकृत किया जा रहा है। इसके लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, सीएमओ कंट्रोल रूम और इमरजेंसी लाइन सहित तीन स्तरों पर कंट्रोल रूम व्यवस्था प्रस्तावित है।
घायल या बीमार लोगों को अस्पताल तक तेजी से पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि एंबुलेंस को रास्ते में किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
सरकारी और निजी अस्पतालों में कुल 170 इमरजेंसी बेड और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं। आयोजन स्थल के 20 किलोमीटर के दायरे में सात सरकारी अस्पताल और 15 किलोमीटर के दायरे में सात निजी अस्पतालों को मेडिकल बैकअप में शामिल किया गया है।
97 एंबुलेंस और 23 ब्लड बैंक तैयार
मेडिकल इमरजेंसी के लिए वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 अतिरिक्त एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। इस तरह जरूरत पड़ने पर कुल 97 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी।
इसके साथ ही 23 ब्लड बैंक भी चिन्हित किए गए हैं, ताकि गंभीर स्थिति में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
21 समितियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
एयर शो की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए कुल 21 समितियां गठित की गई हैं। प्रत्येक समिति को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। इनमें घाट प्रबंधन, कंट्रोल रूम, मेडिकल कवर, आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत एवं आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए अलग घाट प्रबंधन समिति बनाई गई है। वहीं रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए भी अलग समिति जिम्मेदारी संभालेगी।
पक्षियों पर नजर रखने के लिए बर्ड कंट्रोल कमेटी
एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी संभावित चुनौती को देखते हुए विशेष ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ बनाई गई है। यह समिति आयोजन के दौरान पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित कार्रवाई करेगी।
सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ भी गठित की गई है। इसके अलावा कंट्रोल रूम संचालन और मेडिकल कवर के लिए अलग-अलग समितियों को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन का उद्देश्य एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले के दौरान सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, मेडिकल इमरजेंसी और आपदा प्रबंधन को एकीकृत व्यवस्था के तहत संचालित करना है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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