उत्तर प्रदेश में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा

1.28 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा विकास, बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेटरी का काम अंतिम चरण में
अक्टूबर में परियोजना पूरी होने की उम्मीद, 42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा बनी प्रमुख आकर्षण
लखनऊ/फिरोजाबाद, 1 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की दिशा में प्रदेश सरकार की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में फिरोजाबाद स्थित ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना को अक्टूबर 2026 में पूरा किए जाने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेटरी और म्यूरल वॉल समेत विभिन्न पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सभागार और डॉरमेटरी का करीब 85 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का लगभग 60 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। इन सुविधाओं के तैयार होने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ठहरने तथा विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
जैन विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर जोर

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास करने के साथ धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक जैन संस्कृति एवं विरासत से परिचित हो सकें।
42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा प्रमुख आकर्षण
फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर अपनी स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। मंदिर परिसर में भगवान बाहुबली की 42 फीट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यह प्रतिमा उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शामिल मानी जाती है।
प्रतिमा और मंदिर की विशेषताओं को देखने के लिए उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

64 पहाड़ियों को पार कर फिरोजाबाद पहुंची प्रतिमा
भगवान बाहुबली की विशाल प्रतिमा को कर्नाटक के कारकल से फिरोजाबाद लाने की कहानी भी विशेष है। उपलब्ध विवरण के अनुसार सेठ छदामी लाल ने विशेष ट्रॉली के माध्यम से इस प्रतिमा को करीब तीन महीने में फिरोजाबाद पहुंचवाया था। इस दौरान ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया।
मंदिर के निर्माण में लगभग 10 वर्ष का समय लगा और इसे संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की, जिसके बाद मंदिर के संरक्षण और देखरेख के लिए व्यवस्थित व्यवस्था विकसित हुई।
जैन पर्यटन सर्किट को मिलेगा विस्तार
पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि फिरोजाबाद का छदामी लाल जैन मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि मंदिर को प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी इन विकास कार्यों से मदद मिलेगी। विरासत स्थलों की पहचान और उनके ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व को बरकरार रखते हुए आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का विकास विभाग की प्राथमिकता है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं के साथ जैन संस्कृति एवं विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
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