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एक-एक कारीगर और उत्पादक को मिल रहे हैं लाखों के आर्डर…

जीआई प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी अपने उद्देश्य में सफल, कारीगरों का बिक गया सारा माल...

जीआई प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी अपने उद्देश्य में सफल, कारीगरों का बिक गया सारा माल, कमिश्नर-डीएम ने भी किया अवलोकन
एक-एक कारीगर और उत्पादक को मिल रहे हैं लाखों के आर्डर
प्रदर्शनी में स्टाल लगाने वाले उत्पादकों ने किया यूपी सरकार और फिक्की का धन्यवाद, कहा ऐसे आयोजनों की बहुत आवश्यकता
वाराणसी, 23 जनवरी, 2021: यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, उत्तर प्रदेश सरकार, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वाधान में चल रही जीआई प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी 2021 अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रही है। प्रदर्शनी खत्म होने के एक दिन पहले ही सभी स्टॉल्स के सामान बिक चुके थे। जिन उत्पादकों की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट आसपास है, उन्हें प्रदर्शनी में आए उपभोक्ताओं की मांग फिर से माल मंगाना पड़ा। शनिवार को वाराणसी के कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम कौशल राज और सीडीओ मधुसूदन हुल्गी भी प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे। प्रदर्शनी के अंतिम दिन 24 जनवरी को जीआई प्रोडक्ट्स की इस प्रदर्शनी के मंच पर ही ‘उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन होगा।
फिक्की ने इस आयोजन की सफलता को देखते हुए राज्य सराकर से आग्रह किया है कि यूपी जीआई प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी को स्थाई तौर पर लगाया जाए, साथ ही यूपी जीआई प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी अन्य राज्यों में भी आयोजित की जाए। इससे जीआई टैग पाने वाले उत्तर प्रदेश के सभी उत्पादों का प्रचार-प्रसार कर उन्हें पूरे देश की जनता तक पहुंचाया जा सकेगा, साथ ही जीआई हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को अपना मार्केट विस्तृत करने में काफी मदद मिलेगी।
जीआई प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी में आए हस्तशिल्पी और उत्पादक आयोजन की सफलता से काफी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार और फिक्की ने कोविड-19 लॉकडाउन के बाद इस प्रदर्शनी का आयोजन करके उनके व्यपार के लिए संजीवनी का काम किया है। उत्पादकों का कहना है कि उपभोक्ताओं ने उनके उत्पादों को हाथों-हाथ लिया, जिससे डिमांड पूरी करनी मुश्किल हो गई। जिन उत्पादकों की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट नजदीक हैं, उन्होंने दोबारा माल मंगाकर उपभोक्ताओं की मांग पूरी की। प्रदेश के दूरवर्ती क्षेत्रों से आए उत्पादकों ने उपभोक्ताओं के ऑर्डर ले लिए हैं और उन्हें उनके पते पर माल भेजेंगे।
शनिवार को वाराणसी के कमिश्नर, डीएम और सीडीओ भी प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल पहुंचे। उन्होंने यहां यूपी सरकार और फिक्की द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के मंच पर आयोजित होने वाले यूपी दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों का जायजा भी लिया। प्रदर्शनी में प्रदर्शित उत्पादों को देखकर अधिकारीगण अभिभूत हो गए। उन्होंने कारीगरों और उत्पादकों का हौसला भी बढ़ाया।
डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 24 जनवरी को प्रातः 10:00 बजे से बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल के टीएफसी हाल में कमिश्नर दीपक अग्रवाल द्वारा एनआरएलएम समूहों को आरएफ एवं सीआरएफ का चेक वितरण एवं देव दीपावली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 81 अधिकारियों को सम्मान पत्र का वितरण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर सुबह ए बनारस टीम द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा तथा बेटी बचाओ/बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत स्कूली छात्राओं एवं प्रतिभाशाली बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।
ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज उमेश सिंह ने बताया, “प्रदर्शनी में जिस तरह से लोगों की भीड़ उमड़ रही भीड़, वह जीआई प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर विश्वास को पुख्ता कर रहा है। प्रदर्शनी हर बीतते दिन के साथ सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’  की कल्पना को सार्थक करने वाला आयोजन है।”
डिप्टी कमिश्नर इंडस्ट्रीज वीरेंद्र कुमार ने बताया, “प्रदर्शनी के आयोजन से हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। कोविड-19 के लॉकडाउन के दौरान व्यापारिक गतिविधियां ठप्प पड़ जाने के कारण सभी वर्गों के व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा था, खासतौर से हस्तशिल्पियों और छोटे व मझोले उत्पादकों को। ऐसे में इस प्रदर्शनी की बहुत आवश्यकता थी। यह प्रदर्शनी अपने उद्देश्य में सफल रही है। यहां आने वाले उपभोक्ताओं ने जिस तरह यहां प्रदर्शित उत्पादों की सरहाना की और उन्हें खरीदा भी, उससे निश्चित तौर पर हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को काफी लाभ पहुंचा है। ऐसे आयोजनों से हमारी विलुप्त होती पारंपरिक शिल्पकला को पुनर्जीवन देने में काफी मदद मिलती है।”
फिक्की अलग-अलग क्षेत्र को उद्योगों को प्रोत्साहन देने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। सरकार के साथ उद्योगों की कठिनाइयों को दूर करने में अहम भूमिका निभाता है बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ के सिद्धान्त को ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट एग्जीबिशन’ और ‘जीआई प्रोडक्ट्स प्रदर्शनी 2021’ जैसे आयोजनों से क्षेत्रीय हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बनाने में मददगार साबित हुआ है।

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