यूपी में ‘रूल ऑफ माफिया’ खत्म, अब कानून के शासन से बदल रही प्रदेश की तस्वीर

डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के 5वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा—कानून की किताब से माफिया राज को बाहर कर प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित किया गया।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और शासन व्यवस्था में आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले कानून के शासन के बजाय माफिया का प्रभाव देखने को मिलता था, लेकिन अब सरकार ने उस व्यवस्था को समाप्त कर कानून के शासन को स्थापित करने की दिशा में काम किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में ‘रूल ऑफ माफिया’ का दौर था, जहां कुछ प्रभावशाली अपराधियों के सामने कानून कमजोर दिखाई देता था। उन्होंने कहा कि सरकार ने कानून की किताब से माफिया राज को बाहर निकालकर प्रदेश में ईमानदारी के साथ ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू किया है। उनके अनुसार, इसी बदलाव के कारण उत्तर प्रदेश में नई व्यवस्था और विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
माफिया के प्रभाव का उदाहरण देकर समझाया बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के एक माफिया का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले स्थिति ऐसी थी कि वह जिस जमीन पर पैर रख देता था, उस पर अपना अधिकार जताने लगता था। उसके प्रभाव के सामने आम लोगों को न्याय और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय कानून का प्रभाव कमजोर पड़ता दिखाई देता था और माफिया का दबदबा व्यवस्था पर हावी रहता था।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पहले मुख्यमंत्री, राज्यपाल और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के काफिलों तक को उस माफिया के लिए रोके जाने जैसी स्थिति बन जाती थी। मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के माध्यम से प्रदेश में पहले की परिस्थितियों और वर्तमान शासन व्यवस्था के बीच अंतर स्पष्ट करने का प्रयास किया।
‘रूल ऑफ लॉ’ को बताया बदलाव का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उस स्थिति से बाहर निकल चुका है, जहां माफिया का प्रभाव शासन और प्रशासन पर भारी पड़ता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश में ‘रूल ऑफ माफिया’ के स्थान पर ‘रूल ऑफ लॉ’ स्थापित हुआ है। कानून का शासन किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए कानून सर्वोपरि होता है और शासन व्यवस्था कानून के दायरे में संचालित होती है।
उन्होंने कहा कि कानून का प्रभावी क्रियान्वयन प्रदेश में सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के साथ आर्थिक विकास की दिशा में भी प्रगति हुई है।
बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलने की बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ‘बीमारू राज्य’ की छवि से उभरकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में खड़े होने की दिशा में आगे बढ़ा है। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार और शासन व्यवस्था में बदलाव को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री के इस संबोधन का मुख्य संदेश यह रहा कि राज्य के विकास के लिए कानून का शासन, अपराध पर नियंत्रण और प्रभावी प्रशासन आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफिया के प्रभाव को समाप्त कर कानून के शासन को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिया गया मुख्यमंत्री का यह संबोधन कानून, न्याय और सुशासन की भूमिका पर केंद्रित रहा। उन्होंने अपने वक्तव्य के माध्यम से प्रदेश में हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए ‘रूल ऑफ लॉ’ को उत्तर प्रदेश की नई पहचान के रूप में प्रस्तुत किया।
नोट: यह समाचार मुख्यमंत्री के दिए गए संबोधन के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त दावे मुख्यमंत्री के वक्तव्य के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं।
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