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दिल्ली में संक्रमण बढ़ने से प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में कुछ केस की बढ़ोत्तरी हुयी है

संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करे, नियमित हाथ धोएं तथा उचित दूरी बनाये रखे -श्री अमित मोहन प्रसाद

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना श्री नवनीत सहगल ने लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि दिल्ली में संक्रमण बढ़ने से प्रदेश के सीमावर्ती जनपदों में कोरोना संक्रमण के केस की बढ़ोत्तरी हुयी है।

जिला प्रशासन द्वारा दिल्ली से आने-जाने वाले लोगों की रैण्डम चेकिंग की जा रही है। प्रदेश के अन्य जनपदों में संक्रमण की दर कम हुयी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगभग 3 करोड़ घरों केे 14 करोड़ 22 लाख जनसंख्या की सर्वेक्षण करके प्रत्येक व्यक्ति से सम्पर्क करके कोरोना के लक्षण की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनता के सहयोग से उत्तर प्रदेश में संक्रमण अभी नियंत्रण में है लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की अधिक आवश्यकता है।

श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां और अधिक तेजी से बढ़ें, इसके लिए प्रदेश सरकार निरन्तर प्रयास कर रही है। इसके अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तथा आर्थिक गतिविधियां को और बढ़ाने के लिए सरकार के प्रोत्साहन से नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयां खुल रही है। सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं वृहद श्रेणी की 8,18,269 इकाइयॉ क्रियाशील हैं, जिनमें  51.78 लाख श्रमिक कार्यरत हैं।

पुरानी इकाइयों को कार्यशैली पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाईयों को रू0 10,854 करोड के ऋण स्वीेकृत कर वितरित किये जा रहे हैं। प्रदेश में नये उद्योगों, की स्थापना के लिए 6 लाख 32 हजार नई एम0एस0एम0ई0 इकाइयांें को बैकों द्वारा लगभग 18,800 करोड़ रूपये का ऋण दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार प्रदेश में अब तक लगभग इस वित्तीय वर्ष में 10 लाख 70 हजार ईकाइयों से 30 हजार 600 करोड़ के ऋण वितरित किये गये है। विशेष अभियान चलाकर प्रदेश में लगभग 76 हजार करोड़ के ऋण एम0एस0एम0ई0 इकाइयों को देना का लक्ष्य रखा गया है। नई इकाइयों के स्थापना से 25 लाख नये रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि नई ईकाइयों के माध्यम से रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे।

श्री सहगल ने बताया कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा निरन्तर धान खरीद की समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि किसानों के धान की खरीद समय से हो तथा उन्हें धान व मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य मिले। धान और मक्का की खरीद का भुगतान किसानों को 72 घंटे के अन्दर सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि जिलाधिकारी की यह जिम्मेदारी है कि किसानों को किसी प्रकार की समस्या न होे तथा क्रय केन्द्र सुचारू रूप से कार्य करे। अधिकारियो/कर्मचारियों द्वारा लापरवाही करने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की गयी है तथा शिकायत मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को निलम्बित भी किया गया है। धान क्रय केन्द्र पर शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी की जिम्मेदारी होगी। धान क्रय केन्द्रांे पर जिलाधिकारी तथा अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा निरन्तर अनुश्रवण तथा आकस्मिक निरीक्षण करे। अब तक 143.83 लाख कु0 धान की खरीद की जा चुकी है। जो पिछले वर्ष से दोगुना से भी अधिक है। अब तक किसानों से 1,26,087.50 कुं0 मक्का की खरीद की जा चुकी है। जो गत वर्षों से काफी अधिक है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मंूगफली के क्रय का भी कार्यक्रम जल्द ही प्रारम्भ किया जायेगा, ताकि किसानों को अपनी फसल बचने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े और उन्हें राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य समय पर उनकों मिलता रहे। प्रदेश सरकार लगातार किसानों के लाभ के लिए प्रयास कर रही है। गन्ना किसानों के भुगतान पर भी सरकार गम्भीर है। गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक गन्ना किसानों को कुल भुगतान 109,682.38 करोड़ रूपये किया गया है। गन्ना किसानों का भुगतान चीनी मिलों द्वारा कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चीनी के उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,61,888 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 1,76,36,904 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना सेे संक्रमित 2858 नये मामले आये हैं। प्रदेश में 23,357 कोरोना के एक्टिव मामले हैं। होम आइसोलेशन में 10,395 लोग हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 2,97,248 लोग होम आइसोलेशन की सुविधा प्राप्त करते हुए 2,86,853 लोगों ने अपने होम आइसोलेशन की अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सालयों में 2167 लोग ईलाज करा रहे हैं, इसके अतिरिक्त बाकी मरीज एल-1, एल-2 तथा एल-3 के सरकारी अस्पतालों मंे अपना ईलाज करा रहे है। प्रदेश में 1.50 लाख कोविड बेडों की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 4,91,131 कोविड-19 से ठीक होकर पूर्ण उपचारित हो चुके है। प्रदेश में कोविड-19 रिकवरी रेट 94.08 प्रतिशत हो गया है। ई-संजीवनी के माध्यम से 24 घंटे में 2175 चिकित्सीय परामर्श लिए है। अब तक कुल 2,19,773 से अधिक लोग चिकित्सीय परामर्श ले चुके है। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,60,009 क्षेत्रों में 4,58,444 टीम दिवस के माध्यम से 2,90,43,327 घरों के 14,22,22,649 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है।

श्री प्रसाद ने बताया कि फोकस सैम्पलिंग का दूसरा चरण का अभियान 19 नवम्बर, 2020 से अभियान चल रहा है जो 30 नवम्बर, 2020 तक चलाया जायेगा। जिसमें शहर के मलिन बस्तियों, अस्थायी/स्थायी जेलों में, बाल/बालिका सुधार गृह, वृद्धाश्राम व नारी निकेतन, रेहड़ी, पटरी दुकानदारों आदि, कक्षा 09 से 12 के शिक्षण कार्य में लगे शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की, सभी सरकारी/प्राइवेट कार्यालयों में, बाजारों/साप्ताहिक बाजारों में काम करने वाले व्यक्तियों की फोकस सैम्पलिंग की जायेगी। फोकस सैम्पलिंग के माध्यम से कोविड संक्रमित लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों तथा पूर्व में किसी अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि कोरोना से उपचारित लोगों को यदि कोई समस्या हो तो उनके लिए पोस्ट कोविड केयर सेन्टर भी कार्य कर रहे है। उन्होंने बताया सार्वजनिक स्थानो ंपर बिना माॅस्क पाये जाने पर 500 रू0 दण्ड स्वरूप वसूला जा रहा है, इसलिए सभी से अपील है कि संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करे, नियमित हाथ धोएं तथा उचित दूरी बनाये रखे।

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