महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज

भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे से कर रही खिलवाड़: सुरजेवाला
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस अहम मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है, जबकि कांग्रेस हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है।
अपने अभिभाषण में सुरजेवाला ने कहा कि वर्ष 2023 में लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कांग्रेस ने पूरा समर्थन किया था और हर कांग्रेस सांसद ने इसके पक्ष में मतदान किया। उन्होंने इसे कांग्रेस की पुरानी पहल बताते हुए कहा कि 2010 में इसे राज्यसभा में पारित कराया गया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी. वी. नरसिम्हा राव का उल्लेख करते हुए कहा कि 73वें और 74वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का श्रेय भी कांग्रेस को जाता है।
भाजपा सरकार से सीधे सवाल
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल किया कि 2023 में बिल पारित होने के बाद इसे लागू करने में तीन साल की देरी क्यों हुई और 17 अप्रैल 2026 को ही अधिसूचना क्यों जारी की गई। उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक रणनीति करार दिया।
डेलिमिटेशन और सीट बढ़ोतरी पर विवाद
विधायक ने दावा किया कि भाजपा द्वारा लाया गया नया प्रावधान महिलाओं को वास्तविक लाभ देने के बजाय लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर डेलिमिटेशन करने की योजना से जुड़ा है। उनके अनुसार, इससे हरियाणा समेत छोटे राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी कमजोर हो सकती है।
पिछड़े वर्गों के मुद्दे पर भी हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधते हुए सुरजेवाला ने कहा कि पिछड़े वर्गों के हितों की बात तो की जाती है, लेकिन कास्ट सेंसस से बचा जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार इसकी मांग कर रही है, ताकि बीसी समाज की महिलाओं को भी आरक्षण का पूरा लाभ मिल सके।
सामाजिक प्रतिनिधित्व की मांग
उन्होंने जांगड़ा, प्रजापति, सुनार, धीमान, सैनी, कंबोज और कश्यप समाज की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाते हुए कहा कि उनकी आवाज भी विधानसभा में गूंजनी चाहिए।
कांग्रेस का समर्थन और अंतिम संदेश
सुरजेवाला ने कहा कि यदि राज्य सरकार केंद्र से बीसी समाज की महिलाओं को आरक्षण में उचित हिस्सा दिलाने की पहल करती है, तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल आरक्षण की नहीं, बल्कि हरियाणा के स्वाभिमान, छोटे राज्यों के अस्तित्व और हर महिला के अधिकार की लड़ाई है, और जब तक महिलाओं को उनका हक नहीं मिलेगा, कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी।




