GovernmentPolitics

नारी शक्ति वंदन विधेयक पर विपक्ष ने गुमराह करने की कोशिश की : डॉ. अरविंद शर्मा

महिलाओं के अधिकारों पर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट


हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा के दौरान सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर गलत नैरेटिव बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कुछ दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा काले कपड़े पहनकर विरोध जताना केवल एक प्रतीकात्मक कदम था, जबकि वास्तविकता में किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होने वाला है।

डॉ. शर्मा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन के बाद भी राज्यों की हिस्सेदारी में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों की सीटों और प्रतिशत में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं आएगा, जिससे उन्हें नुकसान हो।

मंत्री ने अपने संबोधन में नारी सशक्तिकरण के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर और ज्योतिबा फुले जैसे महान समाज सुधारकों ने महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों पर विशेष बल दिया। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र और हरियाणा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं।

उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), लखपति दीदी योजना तथा ड्रोन दीदी योजना जैसी योजनाएं महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना को भी सरकार की एक प्रमुख पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनावी वादे के अनुरूप लागू किया गया है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि सरकार की कार्यशैली पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की भावना, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के “एक देश, एक झंडा” के विचार और अटल बिहारी वाजपेयी के “सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण” के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के समय श्रेय लेने की कोशिश नहीं की और आज भी विपक्ष को पूरा श्रेय देने की बात कही है।

अंत में डॉ. अरविंद शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की महिलाएं अब अधिक जागरूक हो चुकी हैं और आने वाले समय में और अधिक सशक्त बनेंगी। उन्होंने कहा कि “सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र” का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।

Related Articles

Back to top button