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इंडी गठबंधन की बैठक से अखिलेश की दूरी पर ओपी राजभर ने उठाए सवाल

राहुल गांधी को संबोधित करते हुए राजभर ने पूछा- अखिलेश नहीं आ सकते थे तो डिंपल या धर्मेंद्र यादव को भेज सकते थे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी

लखनऊ, 1 अक्टूबर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर बयान जारी किया है। राजभर ने इंडी गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से इस बारे में पूछने की बात कही।

राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव स्वयं बैठक में शामिल नहीं हो सकते थे तो उनकी ओर से डिंपल यादव या धर्मेंद्र यादव को बैठक में भेजा जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना संभव नहीं था तो अखिलेश यादव ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़ सकते थे।

राज्यसभा नामांकन को लेकर उठाया सवाल

राजभर ने राज्यसभा नामांकन की समयसीमा का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि अखिलेश यादव के लिए नामांकन के लिए उसी समय जाना इतना जरूरी क्यों था। उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव के लिए बैठक में पहुंचना संभव नहीं था, तो उनके स्थान पर परिवार के किसी सदस्य को भेजा जा सकता था।

राजभर ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि कई नेता ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए थे। इसी आधार पर उन्होंने अखिलेश यादव की बैठक से दूरी पर सवाल उठाया।

ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी पर निशाना

राजभर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी चुनाव परिणाम के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को जिम्मेदार ठहराने से पहले संबंधित चुनावों की तारीख और उस समय की चुनाव आयोग की व्यवस्था को देखना चाहिए।

राजभर ने अपने बयान में 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों के समय ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। उन्होंने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में इसी तथ्य को आधार बनाया।

जनता के बीच जाने की दी सलाह

ओपी राजभर ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर आरोप लगाने के बजाय विपक्षी नेताओं को जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करना चाहिए।

राजभर ने कहा कि यदि विपक्ष लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगाता रहेगा और आपसी मतभेदों में उलझा रहेगा, तो इसका असर उसकी राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

राजभर के ये बयान उनके राजनीतिक मत और आलोचना हैं; संबंधित नेताओं की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

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