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लखनऊ: सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का बड़ा बयान — पुलिस पर उठाए सवाल, न्यायपालिका में जताया भरोसा

समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक प्रेस बयान में पुलिस जांच, न्यायिक प्रक्रिया और चल रही पूछताछ को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है और अब न्यायिक आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सच्चाई का निर्णय केवल न्यायालय ही कर सकता है, न कि पुलिस।

प्रमुख बातें जो जियाउर्रहमान बर्क ने अपने बयान में कहीं:

  • “पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सहयोग की बात थी, मैं खुद गया था और करीब 3 घंटे पूछताछ हुई थी।”
  • “मैंने जो भी सवाल पूछे गए, उनका पूरी तरह से जवाब दिया।”
  • “आज मुझे न्यायिक आयोग ने बुलाया है, और मैं वहां जा रहा हूं। यह मेरी ज़िम्मेदारी है।”
  • “161 के तहत जो बयान होता है, उसमें कोई हस्ताक्षर नहीं होते। पुलिस लिखती है लेकिन उसका न्यायालय में कोई महत्व नहीं होता जब तक वह साबित न हो।”
  • “जफर साहब ने हमारे सामने या पुलिस के सामने कोई गलत बयान नहीं दिया है।”
  • “अगर पुलिस के कहने पर ही सच्चाई तय हो जाती, तो न्यायालय की जरूरत ही नहीं होती।”
  • “मुझे पुलिस प्रशासन पर भरोसा नहीं है, लेकिन न्यायपालिका पर है। कोर्ट से मुझे न्याय मिलेगा।”
  • “जो रिपोर्ट मेरे खिलाफ लिखी गई है, वह गलत है। इंसाफ के लिए कोर्ट का सहारा लूंगा।”
  • “मैं कभी भी हिंसा में विश्वास नहीं रखता। देश में कानून व्यवस्था का राज होना चाहिए।”
  • “वक्फ या संभल के मामले में भी हम न्यायालय गए थे और इस बार भी सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन डाली गई है।”
  • “मेरी तरफ से इस केस को सलमान खुर्शीद साहब लड़ेंगे।”

निष्कर्ष:

सपा सांसद ने यह स्पष्ट किया कि वे कानूनी रास्ता अपनाते हुए न्याय की उम्मीद में हैं और किसी भी तरह की राजनीतिक या पुलिसिया दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने दोहराया कि उनका न्यायपालिका में पूर्ण विश्वास है, और उन्हें पूरा भरोसा है कि कोर्ट से इंसाफ मिलेगा।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके खिलाफ पुलिस की रिपोर्ट और पूछताछ को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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