गुलाटी के ठगों का डीआईजी-एसपी सिटी से बात होने का दावा, दो गिरफ्तार

बरेली। जूम मीटिंग का वीडियो वायरल कर करोड़ों रुपये की ठगी करने और फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी कैनविज के एमडी कनिष्क गुलाटी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, कनिष्क गुलाटी प्रकरण में ईडी भी जांच कर रही है। वायरल वीडियो और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही गई है।
डीआईजी के नाम पर दबाव बनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कनिष्क गुलाटी के मामले में डीआईजी अजय साहनी से बात होने का दावा किया गया था। आरोप है कि इसी आधार पर जांच को प्रभावित करने और दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
ईडी भी दर्ज कर चुकी है केस
कनिष्क गुलाटी प्रकरण में ईडी की ओर से भी मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां आर्थिक लेन-देन और ठगी से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले अन्य आरोपियों और साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो की जांच में सामने आए तथ्य
जूम मीटिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वीडियो में कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के नाम लेकर बातचीत और प्रभाव बनाने की कोशिश का उल्लेख सामने आया। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की और इसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सालभर से फरार था आरोपी, वीडियो वायरल होते ही गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, कनिष्क गुलाटी से जुड़े मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। कार्रवाई करते हुए विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया।
बरेली के 12 थानों में दर्ज हैं 94 मामले
पुलिस के अनुसार, कनिष्क गुलाटी प्रकरण से जुड़े बरेली के 12 थानों में कुल 94 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें ठगी, जालसाजी समेत अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां प्रकरण से जुड़े आर्थिक लेन-देन तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
ईडी, ईओडब्ल्यू और एसआईटी कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी, ईओडब्ल्यू और एसआईटी समेत विभिन्न जांच एजेंसियां ठगी से जुड़े मामलों की जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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