दीपोत्सव से कुम्हारों और किसानों की आजीविका को नई रोशनी: सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपोत्सव की महत्ता बताई, कहा- आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा अयोध्या का भव्य दीपोत्सव
लखनऊ, 02 नवंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्री अयोध्या धाम का भव्य दीपोत्सव केवल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था, पारंपरिक कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। दीपोत्सव में प्रज्ज्वलित होने वाला प्रत्येक दीप किसी कुम्हार के परिश्रम, किसी किसान की उपज और किसी श्रमशील परिवार की आजीविका को नया प्रकाश देने का माध्यम बन रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में आगमन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर दीपोत्सव के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अयोध्या का भव्य दीपोत्सव आज आस्था के साथ आर्थिकी को भी नई ऊर्जा दे रहा है। यहां जलने वाला हर दीप स्थानीय कारीगरों की मेहनत, किसानों के उत्पाद और छोटे व्यापारियों के कारोबार से जुड़ा हुआ है।
2017 से पहले रामनगरी में नहीं था ऐसा प्रकाश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय रामनगरी अयोध्या की अपार सांस्कृतिक और धार्मिक संभावनाओं को स्थानीय कारीगरों, किसानों तथा छोटे व्यापारियों की समृद्धि से जोड़ने के लिए ऐसी पहल का अभाव था। आस्था की शक्ति को आजीविका के नए अवसरों में परिवर्तित करने की सोच को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अयोध्या की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को स्थानीय लोगों की आर्थिक प्रगति का आधार बनाने की आवश्यकता थी। दीपोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से इस दिशा में नई संभावनाएं विकसित हुई हैं, जिससे परंपरागत व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
डबल इंजन सरकार ने दूर किया अंधकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने इस अंधकार को दूर करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में लाखों दीपों से आलोकित होने वाला भव्य दीपोत्सव आज कुम्हारों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के लिए काम तथा कारोबार के नए अवसर सृजित कर रहा है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि दीपोत्सव का महत्व केवल दीप जलाने और धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और पारंपरिक हस्तशिल्प को भी प्रोत्साहन मिलता है। मिट्टी के दीपक बनाने वाले कुम्हारों को अपने उत्पादों की मांग बढ़ने से लाभ मिलता है। वहीं, दीपक निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री और अन्य स्थानीय उत्पादों से जुड़े किसानों तथा छोटे कारोबारियों को भी आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर मिलते हैं।
एक दीप से जुड़ी है कई परिवारों की खुशहाली
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव की आर्थिक उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस दीपक से रामनगरी जगमगाती है, उसी से किसी श्रमशील परिवार के घर में खुशहाली की उम्मीद भी जागती है। एक दीपक के निर्माण से लेकर उसकी बिक्री और उपयोग तक अनेक लोगों का श्रम जुड़ा होता है। यह आयोजन स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और छोटे कारोबार को पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जनभागीदारी तथा स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दीपोत्सव के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को सम्मान और उनके श्रम को बाजार में नई पहचान मिल रही है।
आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का संगम है दीपोत्सव
अयोध्या में आयोजित होने वाला दीपोत्सव देश-विदेश में भारतीय संस्कृति, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सनातन परंपराओं की पहचान को व्यापक रूप से प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही यह आयोजन स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार की संभावनाओं को भी आगे बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेश का मूल भाव यही है कि दीपोत्सव का प्रत्येक दीप केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि मेहनतकश कारीगरों, किसानों, श्रमिकों और छोटे व्यापारियों के परिश्रम का भी प्रतीक है। रामनगरी की जगमगाहट के साथ स्थानीय परिवारों के जीवन में आर्थिक समृद्धि की नई उम्मीद जगाना ही दीपोत्सव की व्यापक भावना है।
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