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दीपोत्सव-2026: रंगों और रील्स के जरिए दुनिया देखेगी ‘नई अयोध्या’

चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में देशभर के लोग दिखा सकेंगे हुनर, 2 नवंबर तक जमा होंगी प्रविष्टियां

चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं में देशभर के लोग दिखा सकेंगे हुनर, 2 नवंबर तक जमा होंगी प्रविष्टियां

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में दीपोत्सव के दौरान विजेताओं को किया जाएगा सम्मानित

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में दीपोत्सव-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक वैभव, धार्मिक परंपराओं और विकास की नई तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इन प्रतियोगिताओं में देशभर के सभी आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकेंगे। प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां 2 नवंबर 2026 तक जमा करनी होंगी। विजेताओं को दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्मानित किया जाएगा।

‘विकास भी, विरासत भी’ को मिलेगा रचनात्मक मंच

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या भारत की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हुई है। चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को अयोध्या के बदलते स्वरूप, विकास की गाथा और सनातन संस्कृति की भव्यता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और रचनात्मकता के माध्यम से रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत तथा विकास यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य है। उन्होंने प्रतिभागियों से मौलिक सोच और कल्पनाशीलता के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अपील की।

जलरंगों से उकेरें अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान

चित्रकला प्रतियोगिता की थीम ‘कला के माध्यम से अयोध्या का उत्सव’ (Celebrating Ayodhya Through Art) रखी गई है। इसमें प्रतिभागियों को जलरंग यानी वॉटरकलर माध्यम से मौलिक पेंटिंग तैयार करनी होगी।

कलाकृति में अयोध्या की सांस्कृतिक परंपराओं, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, विकास कार्यों और दीपोत्सव की भव्यता को दर्शाया जा सकता है। पेंटिंग स्वयं तैयार की गई होनी चाहिए और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए।

आयोजकों के अनुसार, पहले से प्रकाशित, नकल की गई या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार पेंटिंग स्वीकार नहीं की जाएंगी। विषय से असंबंधित, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री वाली प्रविष्टियां भी प्रतियोगिता से बाहर रहेंगी।

30 से 60 सेकंड की रील में दिखाएं नई अयोध्या

रील मेकिंग प्रतियोगिता की थीम ‘नए रूप में अयोध्या’ (Ayodhya in a New Light) निर्धारित की गई है। इसमें प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की मौलिक रील बनानी होगी। वीडियो में अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजनों की झलक दिखाई जा सकती है।

रील स्पष्ट, आकर्षक और सार्वजनिक प्रदर्शन के योग्य होनी चाहिए। प्रतिभागियों को वीडियो में संगीत, दृश्य और अन्य रचनात्मक सामग्री के इस्तेमाल के दौरान कॉपीराइट नियमों का पालन करना होगा। बिना अनुमति कॉपीराइट सामग्री, नकल की गई प्रस्तुतियां और अत्यधिक AI-निर्मित सामग्री का इस्तेमाल करने वाली रील्स स्वीकार नहीं की जाएंगी।

ऐसे करें आवेदन

दोनों प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी नीचे दिए गए ऑनलाइन आवेदन लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

1. चित्रकला प्रतियोगिता:
https://docs.google.com/forms/d/1Xe32PrX_AVhK_W51G19hY9Zc5IFWqvxArSHxzQqqp9U/edit

2. रील मेकिंग प्रतियोगिता:
https://docs.google.com/forms/d/1miXQMb611-gZ8HOMeLlgtpUTTY2-BZugs3O8MPtwfkw/edit

अंतिम तिथि: 2 नवंबर 2026

कल्पनाशीलता और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव-2026 के माध्यम से अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक महत्ता और विकास की नई गाथा को रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं जनसहभागिता को बढ़ावा देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर प्रदान करेंगी। उम्मीद है कि देशभर की प्रतिभाएं अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार से अयोध्या की गौरवशाली परंपराओं तथा भव्य दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने में योगदान देंगी।

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