अपने इतिहास और हक के लिए एकजुट हो पासी समाज: सूरज पासी

कंसा पासी के किले और शिव मंदिर की मुक्ति के लिए प्रयागराज में लाखन आर्मी का जनजागरण अभियान
मसूरिया दीन पासी की जयंती पर नई पीढ़ी को महापुरुषों से जोड़ने का आह्वान
प्रयागराज, 2 अक्टूबर। महाराजा कंसा पासी के ऐतिहासिक किले और उनके आराध्य भगवान शिव के मंदिर की मुक्ति के अभियान को लेकर लाखन आर्मी ने गुरुवार को प्रयागराज के फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में जनजागरण यात्रा और जनसभा का आयोजन किया। महात्मा मसूरिया दीन पासी की जयंती के अवसर पर रहिमापुर और शेरडीह में आयोजित कार्यक्रमों में पासी समाज के इतिहास, विरासत और अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। लखनऊ से शुरू हुई जनजागरण यात्रा सहसो हाईवे होते हुए दोनों स्थानों पर पहुंची।
लाखन आर्मी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने कहा कि समाज को अपने इतिहास और महापुरुषों के संघर्ष को जानना जरूरी है। नई पीढ़ी को महाराजा कंसा पासी सहित समाज के अन्य महापुरुषों के योगदान से परिचित कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास की जानकारी समाज को अपनी विरासत और अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

किले और मंदिर की मुक्ति तक जारी रहेगा अभियान
सूरज पासी ने कहा कि महाराजा कंसा पासी का किला और भगवान शिव का मंदिर पासी समाज की ऐतिहासिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल हैं। लाखन आर्मी इनके संरक्षण और मुक्ति की मांग को लेकर अभियान लगातार जारी रखेगी। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेदों को दूर कर इस मुद्दे पर एकजुट रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि पासी समाज को शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। समाज के लोगों को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए और बच्चों तथा युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए। इससे आने वाली पीढ़ी को मजबूत आधार मिलेगा।
मसूरिया दीन पासी के योगदान को किया याद
जनसभा में सूरज पासी ने महात्मा मसूरिया दीन पासी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि मसूरिया दीन पासी ने समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने नई पीढ़ी से उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाजसेवा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
युवाओं को शिक्षा और हुनर से जोड़ने पर जोर
सूरज पासी ने युवाओं से नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथ में कलम और युवाओं के पास हुनर होना चाहिए। समाज को अपने महापुरुषों के इतिहास को जानने, बच्चों को शिक्षित करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान पासी समाज की ऐतिहासिक विरासत और महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा समाज को शिक्षा और सामाजिक एकजुटता के माध्यम से मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
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