राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय रणनीतिकार बने डॉ. अतुल मलिकराम

समाज के संगठन, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीति पर होगा काम
राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अनुभव रखने वाले डॉ. अतुल मलिकराम को संगठन का राष्ट्रीय रणनीतिकार नियुक्त किया है। यह निर्णय उनके सामाजिक दृष्टिकोण और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राघव पटेल और राष्ट्रीय सचिव कैलाश गौर ने नियुक्ति पत्र जारी करते हुए बताया कि डॉ. मलिकराम की रणनीतिक सोच समाज के वास्तविक मुद्दों को उजागर करने में सहायक होगी।
संगठन के अनुसार, वर्तमान समय में युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसर, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास और रोजगार जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक मजबूत रणनीति की आवश्यकता है, जिसे डॉ. मलिकराम के अनुभव से नई दिशा मिलेगी।
अपनी नियुक्ति पर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि कुर्मी क्षत्रिय समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और उनका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को जोड़कर समग्र विकास की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के लिए स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने आगे बताया कि संगठन का फोकस ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा और आधुनिक रोजगार से जोड़ने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और विभिन्न राज्यों—मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और छत्तीसगढ़—में फैले समाज को एक मंच पर लाने पर रहेगा।
गौरतलब है कि डॉ. अतुल मलिकराम लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने बीइंग रिस्पॉन्सिबल, 2030 का भारत और सटीक राजनीतिक गणनाएं जैसे अभियानों के माध्यम से बुजुर्गों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-राजनीतिक जागरूकता से जुड़े कई कार्य किए हैं।
महासभा को विश्वास है कि उनके नेतृत्व और रणनीतिक क्षमता से संगठन को मजबूती मिलेगी और समाज के अधिक से अधिक लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।




