**नकली दवाओं पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, 9 फर्में सील**
यूपी में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा प्रहार, 9 दवा फर्में सील, 6 एफआईआर दर्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रदेश के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर अब तक 9 दवा फर्मों को सील कर दिया गया है, जबकि इस मामले में 6 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन, फर्जी बिलिंग और बिना स्टॉक के दवाओं के कारोबार से जुड़े कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। जांच के दौरान कई ऐसी फर्में सामने आईं, जिन पर बिना वैध रिकॉर्ड के दवाओं की खरीद-बिक्री और स्टॉक में भारी अनियमितताओं के आरोप पाए गए। विभाग ने संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

सरकार का मानना है कि नकली दवाओं का कारोबार सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसी कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति, संस्था या नेटवर्क को किसी भी स्तर पर बख्शा न जाए।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह सिंडिकेट केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी संपर्क कर जानकारी जुटाई जा रही है।
एफएसडीए अधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर में दवा निर्माण इकाइयों, गोदामों, थोक विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर्स पर लगातार निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्त करने, फर्म सील करने और कानूनी कार्रवाई करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नकली दवाओं का उपयोग मरीजों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई आम नागरिकों की सुरक्षा और दवा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर्स से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध दवा या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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