अक्षय तृतीया पर 51 बटुकों का उपनयन संस्कार, ‘वेद विद्या सबके लिए’ का संदेश

कपीश्वर वैदिक गुरुकुल में सभी वर्णों के बालकों ने लिया दीक्षा संस्कार, सामाजिक समरसता पर जोर
लखनऊ
लखनऊ स्थित प्राचीन श्री लेटे हुए हनुमान जी मंदिर द्वारा संचालित कपीश्वर वैदिक गुरुकुल में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 51 नवप्रवेशित बाल ब्रह्मचारियों (बटुकों) का वैदिक रीति से उपनयन संस्कार संपन्न कराया गया। वेद मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित यह कार्यक्रम सनातन परंपरा की भव्यता और आध्यात्मिक गरिमा को दर्शाता रहा।

उपनयन संस्कार सनातन धर्म के सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जिसे वेद अध्ययन की शुरुआत का प्रथम चरण माना जाता है। गुरुकुल में विशेष बात यह रही कि सभी वर्णों के बालकों ने इसमें भाग लिया, जिससे सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया गया।
गुरुकुल के प्रमुख एवं मंदिर के मुख्य सेवादास डॉ विवेक तांगड़ी ने कहा कि वेद विद्या पर किसी एक वर्ण विशेष का अधिकार नहीं है, बल्कि यह सभी सनातन अनुयायियों के लिए समान रूप से उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहल समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में जूना अखाड़े के स्वामी परमानंद गिरी, क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ पंकज सिंह भदौरिया, गौड़ ब्राह्मण सभा के ऋद्धि किशोर गौड़, खत्री सभा के अजय मेहरोत्रा, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन के राष्ट्रीय पदाधिकारी अलकेश सोती, अग्रवाल सभा लखनऊ के आशीष अग्रवाल तथा पंजाबी एसोसिएशन के सुरेंद्र सूदन सहित सैकड़ों अभिभावक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और धार्मिक समावेशिता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।




