सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप दें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री योगी

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक प्रदेशभर में होंगे विभिन्न कार्यक्रम, सभी 403 विधानसभाओं में चलेगा ‘नमो सेवा’ अभियान
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ में सभी जनप्रतिनिधि सक्रिय सहभागिता करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के साथ मिलकर कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभारी मंत्री अपने आवंटित जनपदों और विधानसभाओं में पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करें। अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को सभी विधानसभाओं में विश्वकर्मा पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर शिल्पकारों को टूलकिट का वितरण किया जाएगा। साथ ही ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में सभी विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद रहकर सहभागिता करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 सितंबर से प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में ‘नमो सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें स्थानीय कलाकारों के साथ विद्यार्थी और शिक्षक भी सहभागी बनेंगे। उन्होंने कार्यक्रमों में स्थानीय प्रतिभाओं और सामाजिक सहभागिता को विशेष महत्व देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने आनी चाहिए। इसके लिए लाभार्थी का नाम, ग्राम, जनपद और संबंधित योजना का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को जनता के सामने रखा जा सके।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि अभियान के अंतिम चरण में 7 अक्टूबर को प्रत्येक जिले के प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा कलश’ स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष संबोधन के साथ ‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं।
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