सुशासन और प्रशासनिक दक्षता से विकसित उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहे कदम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ में क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ; 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि लेंगे भाग
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन की सार्थकता जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से सिद्ध होती है। इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक लोक सेवक हैं। जब प्रशासनिक तंत्र दक्ष, संवेदनशील और उत्तरदायी होता है, तभी शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचता है और सुशासन का संकल्प जनकल्याण के रूप में साकार होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक कार्य-संस्कृति अपराध, भ्रष्टाचार, नीतिगत उदासीनता और पहचान के संकट जैसी चुनौतियों से प्रभावित थी। उनके अनुसार, परिवारवाद और तुष्टीकरण को प्राथमिकता दिए जाने से प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता एवं कार्यकुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इन परिस्थितियों ने राज्य की विकास संभावनाओं को प्रभावित किया।
मिशन कर्मयोगी से प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र की डबल इंजन सरकार मिशन कर्मयोगी जैसी पहलों के माध्यम से प्रशासनिक कार्य-संस्कृति को नई दिशा दे रही है। इसका उद्देश्य लोक सेवकों की क्षमता, दक्षता और जनसेवा के प्रति उत्तरदायित्व को मजबूत करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी बीमारू छवि से बाहर निकलकर विकास की नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाए हैं। प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत ढांचे में बदलाव के माध्यम से प्रदेश विकास के नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
लखनऊ में दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026
इसी परिवर्तनकारी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से राजधानी लखनऊ में दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ किया जा रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इसमें आठ राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता प्रस्तावित है।
इस क्षेत्रीय आयोजन का उद्देश्य प्रशासनिक क्षमता निर्माण, बेहतर कार्यप्रणाली और सुशासन से जुड़े अनुभवों को साझा करना है। विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से लोक सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक कार्य-संस्कृति में सुधार के उपायों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
अंत्योदय के संकल्प से विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेगा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की भावना के अनुरूप उत्तर प्रदेश जनकल्याण और अंत्योदय के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोक सेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है।
उन्होंने साधना शृंखला-2026 की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने, सुशासन की भावना को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की भूमिका को आगे बढ़ाने में सहायक होंगे।
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