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राज्यसभा चुनाव में बजेगा बरेली का डंका, भाजपा ने श्रुति गंगवार और धर्मपाल सिंह को बनाया प्रत्याशी

संतोष गंगवार की बेटी श्रुति और पांच बार के विधायक धर्मपाल सिंह को मिला उच्च सदन में पहुंचने का मौका

बरेली, 5 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इनमें बरेली के दो प्रमुख चेहरे शामिल हैं। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री तथा आंवला से पांच बार के विधायक धर्मपाल सिंह को राज्यसभा प्रत्याशी बनाया है। दोनों नेताओं को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बरेली भाजपा में उत्साह का माहौल है।

राजनीतिक दृष्टि से भी दोनों नामों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रुति गंगवार के जरिए संतोष गंगवार की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है, जबकि धर्मपाल सिंह को विधानसभा की राजनीति के बाद संसदीय राजनीति में नई भूमिका मिलने जा रही है। सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी भाजपा के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आईआईटी से पढ़ाई, सहकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहीं श्रुति

श्रुति गंगवार सामाजिक गतिविधियों और सहकारिता क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में बरेली के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की अध्यक्ष हैं। शिक्षा और महिला आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक से गंगवार परिवार का पुराना संबंध रहा है। संतोष गंगवार बैंक के संस्थापक अध्यक्ष रहे, जबकि बाद में उनकी पत्नी सौभाग्यवती गंगवार ने अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। अगस्त 2024 में मां के निधन से रिक्त हुए निदेशक पद पर श्रुति गंगवार चुनी गईं और इसके बाद उन्होंने बैंक की कमान संभाली।

अब राज्यसभा की उम्मीदवारी श्रुति गंगवार के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव मानी जा रही है।

संतोष गंगवार के बाद परिवार की राजनीति को नया विस्तार

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने आठ बार के सांसद रहे संतोष गंगवार को टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह छत्रपाल सिंह गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया, जिन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की। टिकट नहीं मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर समर्थकों की नाराजगी भी सामने आई थी, हालांकि संतोष गंगवार पार्टी के साथ बने रहे।

इसके बाद 27 जुलाई 2024 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया और 31 जुलाई को उन्होंने पद की शपथ ली। अब उनकी बेटी श्रुति गंगवार को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने से गंगवार परिवार की सक्रिय राजनीतिक भूमिका को नया विस्तार मिला है।

पहला विधानसभा चुनाव हारे, फिर पांच बार बने विधायक

बरेली से दूसरे राज्यसभा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह का राजनीतिक सफर स्थानीय संस्थाओं से होते हुए विधानसभा और अब संसद के उच्च सदन तक पहुंचने जा रहा है। आंवला क्षेत्र के गुलड़िया गौरीशंकर गांव में 15 जनवरी 1953 को जन्मे धर्मपाल सिंह के पिता का नाम मिश्री सिंह है। उन्होंने स्नातकोत्तर, एलएलबी और बीएड की शिक्षा प्राप्त की है।

कृषि और शिक्षा से जुड़े रहे धर्मपाल सिंह वर्ष 1981 से 1988 तक गौरीशंकर उच्च माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रधानाचार्य रहे। इसके बाद वर्ष 1988 से 1993 तक मझगवां के ब्लॉक प्रमुख और 1993 से 1996 तक कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभापति रहे।

धर्मपाल सिंह ने वर्ष 1993 में भाजपा के टिकट पर तत्कालीन सन्हा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वर्ष 1996 में उन्होंने आंवला से पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2002 में फिर जीत दर्ज की। वर्ष 2007 में यह सीट बसपा के खाते में चली गई, लेकिन 2012 में धर्मपाल सिंह ने वापसी की। इसके बाद 2017 और 2022 में भी उन्होंने जीत हासिल की। इस तरह वह कुल पांच बार विधायक बने।

कल्याण सिंह सरकार से योगी मंत्रिमंडल तक निभाईं जिम्मेदारियां

धर्मपाल सिंह पहली बार विधायक बनने के बाद वर्ष 1997 में मायावती सरकार में लोक निर्माण एवं पर्यटन राज्यमंत्री बने। बाद में कल्याण सिंह सरकार में उन्हें पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी मिली। रामप्रकाश गुप्त और राजनाथ सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में भी उन्होंने मंत्री के रूप में काम किया।

वर्ष 2002 में मायावती सरकार में उन्हें श्रम राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी मिली। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों और भाजपा विधानमंडल दल के उपनेता के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।

वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में धर्मपाल सिंह को सिंचाई मंत्री बनाया गया। करीब ढाई वर्ष बाद उन्होंने मंत्री पद छोड़ दिया। वर्ष 2022 में पांचवीं बार विधायक चुने जाने के बाद वह फिर योगी मंत्रिमंडल में शामिल हुए। उन्होंने पशुधन एवं दुग्ध विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज समेत विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

यूपी से आठ उम्मीदवार मैदान में

भाजपा ने उत्तर प्रदेश से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।

इनमें श्रुति गंगवार और बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत महिला चेहरे हैं। राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। प्रकाश पाल का कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठन में लंबा अनुभव रहा है। आगरा के पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने भी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाई हैं। विद्यासागर सोनकर और गोपी कृष्ण पांडेय को भी पार्टी ने उच्च सदन के चुनाव में उतारा है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण

बरेली भाजपा में विधानसभा चुनाव से पहले दो नेताओं को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने से नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। धर्मपाल सिंह के राज्यसभा जाने की स्थिति में आंवला विधानसभा सीट पर भाजपा को नए चेहरे की तलाश करनी होगी। वहीं श्रुति गंगवार के राज्यसभा प्रत्याशी बनने से बहेड़ी और नवाबगंज विधानसभा सीटों से उनके चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।

भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह और श्रुति गंगवार को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी संगठन पूरी तैयारी के साथ चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने बरेली के दो नेताओं पर भरोसा जताया है, जिससे प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी बरेली का मान बढ़ेगा।

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