मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ का महामंच, 100 टीमों में टीएमयू के 3 युवा स्टार्टअप्स ने मारी बाजी

‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ को मिला प्रथम पुरस्कार, 25 हजार रुपये का चेक; डेंटल कॉलेज ने हासिल किए पहले दो स्थान
तीन चरणों की स्क्रीनिंग के बाद 15 टीमों ने फाइनल में बनाई जगह, युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए किया प्रेरित
मुरादाबाद, 1 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को आगे बढ़ाने और युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में ‘यूपी राइज 2026’ सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ रही। मंच पर विद्यार्थियों ने अपने स्टार्टअप आइडिया और व्यावसायिक मॉडलों के जरिए विशेषज्ञों एवं मेंटर्स के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में शुरुआत 100 टीमों से हुई। तीन चरणों की स्क्रीनिंग के बाद 35 टीमों का चयन हुआ और अंतिम चरण में 15 टीमों ने जगह बनाई। तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स का चयन किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।
‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने जीता पहला पुरस्कार
प्रतियोगिता में टीएमयू के डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम को 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया।
टीम ने बताया कि दांतों की सफाई के साथ जीभ की सफाई भी मौखिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। टीम ने एक ऐसे प्रोटोटाइप पर काम किया है, जिसमें नियंत्रित पानी के दबाव के माध्यम से जीभ पर जमा परत को साफ करने का प्रयास किया गया है। टीम के अनुसार यह तकनीक पारंपरिक टंग क्लीनर की तुलना में अधिक सुविधाजनक और प्रभावी विकल्प विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
‘सॉकेट सेवर्स’ दूसरे स्थान पर
डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने दांत निकालने की प्रक्रिया के दौरान होने वाली परेशानी को कम करने के लिए एक विशेष इंजेक्शन तकनीक का आइडिया प्रस्तुत किया।
टीम के अनुसार इस तकनीक का उद्देश्य स्थानीय एनेस्थीसिया के साथ दांत निकालने की प्रक्रिया को कम यांत्रिक खिंचाव के साथ आसान बनाना है। टीम ने आगे क्लिनिकल ट्रायल और स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना भी साझा की।
‘टीम वास्तव’ को तीसरा स्थान
कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के छात्रों तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। टीम ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के लिए एक आपातकालीन मेडिकल डेटा सिस्टम विकसित करने का आइडिया प्रस्तुत किया।
टीम के अनुसार, हादसे के बाद मरीज के बेहोश होने की स्थिति में उसकी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी डॉक्टरों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। प्रस्तावित एसओएस सिस्टम के माध्यम से मरीज के ब्लड ग्रुप, उम्र और मेडिकल हिस्ट्री जैसी आवश्यक जानकारी संबंधित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था का मॉडल प्रस्तुत किया गया।

युवाओं को नौकरी देने वाला बनने का संदेश
यूपी राइज 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय नवाचार और उद्यमिता के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतियोगिता में शामिल स्टार्टअप आइडियाज का मूल्यांकन उनकी उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं के आधार पर किया गया।
16 हजार से अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थान में आयोजन
टीएमयू के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय में 16 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के जजिंग पैनल में स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं का मूल्यांकन किया।

‘शक्ति क्षेत्र’ में विद्यार्थियों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम के दौरान परिसर में ‘शक्ति क्षेत्र’ भी स्थापित किया गया, जहां विद्यार्थियों ने विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और विजन साझा किए। इसके अलावा विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इन गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार और प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। आयोजन ने युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर तलाशने का मंच प्रदान किया।
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