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आलोक कुमार – गर्भवती महिलाओं को सभी स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षित प्रसव प्राथमिकता से सुनिश्चित हों

कम्यूनिटी हेल्थ आॅफीसर को रात्रिकालीन ड्यूटी का प्रशिक्षण भी दिया जाए -प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आलोक कुमार

प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आलोक कुमार ने आज कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं को सभी स्वास्थ्य सेवाएं और उनके सुरक्षित संस्थागत प्रसव हेतु सभी सुविधाएं प्राथमिकता से सुनिश्चित हों।

उन्होंने कहा सुदूर क्षेत्रों में जहां चिकित्सकों की सहज उपलब्धता नहीं है वहाँ कम्यूनिटी हेल्थ आफीसर को बड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है, इसलिए इनके प्रशिक्षण के समय कड़ी मेहनत और रात्रिकालीन ड्यूटी के लिए भी प्रशिक्षित किया जाए।

प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आज प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अवसर पर यहां वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, प्रसूताओं को मिलने वाली व्यवस्थओं और पोषण, हेल्थ डेस्क, आयुष्मान एवं 101 काउन्टर, आईसीटीसी काउन्टर, कोरोना टेस्ट सुविधा, टीकाकरण तथा बाल रोग विभाग, ओ.पी.डी., इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण कर प्रमुख चिकित्सा अधिक्षिका डा0 सुधा वर्मा से उपलब्ध सेवाओं के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने एक वर्ष के शिशुओं को पूर्ण टीकाकरण कार्ड वितरित किए। उन्होंने इस दौरान चिकित्सालय में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कम्यूनिटी हेल्थ आफीसर्स को भी सम्बोधित कर कड़ी मेहनत कर अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया। अपने निरीक्षण में उन्होंने चिकित्सालय में मरीज फीड बैक सिस्टम सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

निरीक्षण में प्रमुख सचिव के साथ मौजूद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पी0एम0एस0एम0ए0) का मुख्य उद्देश्य निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुँचाना और उन्हें सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना है।

प्रत्येक जनपद व ब्लाक स्तर पर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक संचालित की जा रही है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक माह की नौ तारीख को समस्त गर्भवती महिलाओं को गर्भ के द्वितीय/तृतीय त्रैमास में राजकीय चिकित्सालयों में कम से कम एक बार एम0बी0बी0एस0 चिकित्सक/स्त्री रोग विशेषज्ञ की देख-रेख में प्रसव पूर्व जाँचों एवं उपचार से आच्छादित किया जा रहा है ताकि प्रत्येक हाई रिस्क प्रेगनेंसी को चिन्हित कर मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके।

मिशन निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की प्रमुख विशेषता है कि प्रसव पूर्व जांच सेवाएं विशेषज्ञों/चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी जाती है। इस अभियान में 767 स्वयं सेवी निजी चिकित्सक भी अपना योगदान दे रहें है एवं पी0पी0पी0 मोड से अल्ट्रासाउण्ड की व्यवस्था समस्त जनपदो में है।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में विशेष तौर पर स्वास्थ्य इकाइयों में आने वाली गर्भवती महिला की निःशुल्क खून की जाँचें, यूरिन की जाँचें, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, डायबिटीज और अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रदान की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अपर्णा उपाध्याय, महानिदेशक परिवार कल्याण डा0 राकेश दुबे, अपर निदेशक परिवार कल्याण डा0 लिली सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संजय भटनागर, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डा0 सुधा वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डा0 सीमा श्रीवास्तव, बाल रोग विशेषज्ञ डा0 मोहित तथा डा0 सलमान सहित चिकित्सालय के समस्त वरिष्ठ एवं संबंधित चिकित्साधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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