ईट राइट समिट–लखनऊ 2026 में खाद्य सुरक्षा, बेहतर पोषण और निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर मंथन

विशेषज्ञों ने संतुलित आहार, प्रोटीन जागरूकता और मोटापे की रोकथाम को लेकर साझा किए विचार
लखनऊ, 1 अक्टूबर। राजधानी लखनऊ में हाल ही में ‘ईट राइट समिट–लखनऊ 2026’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों, स्वास्थ्य एवं पोषण विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, खाद्य उद्योग से जुड़े हितधारकों, वेलनेस विशेषज्ञों और सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा, संतुलित पोषण, प्रोटीन जागरूकता, मोटापे की रोकथाम और निवारक स्वास्थ्य देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
यह शिखर सम्मेलन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के ‘ईट राइट इंडिया’ मूवमेंट के अनुरूप आयोजित किया गया। Herbalife द्वारा समर्थित इस पहल का उद्देश्य खाद्य एवं जीवनशैली से जुड़े जागरूक विकल्पों को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ समुदायों के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देना रहा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया संबोधित
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल अस्पतालों से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत घर की रसोई, भोजन की थाली और रोजमर्रा के खान-पान के विकल्पों से होती है। उन्होंने सुरक्षित, पौष्टिक और जागरूक खाद्य विकल्पों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
पोषण जागरूकता और गुणवत्ता पर जोर
Herbalife India के प्रबंध निदेशक अजय खन्ना ने कहा कि ‘ईट राइट इंडिया’ आंदोलन स्वस्थ समुदायों को बढ़ावा देने में सहयोग की भूमिका को सामने लाता है। उन्होंने पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
मोटापे की रोकथाम पर हुई चर्चा
समिट में दो प्रमुख पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें मोटापे की रोकथाम, जन-जागरूकता, स्वस्थ खाद्य विकल्प, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
पहली पैनल चर्चा ‘ईट राइट इंडिया: जागरूकता से मोटापे की रोकथाम की दिशा में कार्रवाई’ विषय पर केंद्रित रही। इसमें मोटापे की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
प्रोटीन को लेकर जागरूकता पर जोर
दूसरी चर्चा ‘प्रगति के लिए प्रोटीन: बेहतर पोषण की दिशा में एक सहयोगात्मक पहल’ विषय पर हुई। इसमें प्रोटीन के महत्व, किफायती प्रोटीन-समृद्ध खाद्य विकल्पों और आहार में विविधता बनाए रखने की आवश्यकता पर विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
कार्यक्रम में विजय प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, लखनऊ; डॉ. अनिता भटनागर जैन, आईएएस (सेवानिवृत्त), पूर्व अपर मुख्य सचिव, FSDA, उत्तर प्रदेश सरकार; जयंत कृष्ण, पूर्व CEO, NSDC एवं वरिष्ठ फेलो, CSIS; तथा डॉ. अनीस अंसारी, पूर्व अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सांस्कृतिक हस्तियों ने भी रखे विचार
समिट में भारतीय लेखक, कलाकार, कार्टूनिस्ट, नाटककार, पटकथा लेखक एवं पर्यावरणविद् अबिद सुरती तथा पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने भी विशेष संबोधन दिए। उनके संबोधनों में स्वस्थ समुदायों के निर्माण, जिम्मेदार जीवनशैली और सामाजिक जागरूकता के व्यापक पहलुओं को सामने रखा गया।
बहु-क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता रेखांकित
लखनऊ समिट में चिकित्सा, खाद्य, शिक्षा, उद्योग, वेलनेस, मीडिया और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाया गया। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि बेहतर पोषण और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए केवल स्वास्थ्य क्षेत्र ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों और संस्थानों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। सम्मेलन ने खाद्य सुरक्षा, जागरूक खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
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