श्रम संहिताएं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने में निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका : अनिल राजभर

श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ उद्योग जगत के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर
ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर। उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताएं देश और प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ उद्योग जगत के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों के हितों और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां एवं निर्णय लिए जा रहे हैं।
अनिल राजभर सोमवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे दिन आयोजित ‘विशेष श्रम संहिताएं’ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

नए कारखानों के पंजीयन में यूपी आगे : राजभर
श्रम मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार दो वर्षों से देश में नए कारखानों के पंजीयन के मामले में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में नए कारखाने पंजीकृत हुए हैं। उनके अनुसार, यह उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और बिजली की उपलब्धता में सुधार हुआ है। सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है।

श्रमिक और उद्योग दोनों के हितों में संतुलन जरूरी
अनिल राजभर ने कहा कि सरकार के सामने हमेशा यह चुनौती रही है कि श्रमिकों के हित प्रभावित हुए बिना उद्योग जगत का मनोबल बनाए रखा जाए। इसी उद्देश्य से श्रमिकों और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के बिना श्रमिकों और श्रमिकों के बिना उद्योगों की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए दोनों के हितों, भावनाओं और भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लेना आवश्यक है।

श्रम कानूनों के सरलीकरण की दिशा में कदम
श्रम मंत्री ने कहा कि चार श्रम संहिताओं के माध्यम से श्रम कानूनों में सुधार और सरलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने संहिताओं को लेकर विभिन्न हितधारकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं। किसी उद्योग को समस्या होने या सरकारी सहयोग की आवश्यकता होने पर संबंधित विभाग और अधिकारी समाधान के लिए उपलब्ध हैं।

उन्होंने निवेशकों और उद्यमियों के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश के विकास का लक्ष्य उद्योग जगत की सहभागिता के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। आने वाले समय में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ने के बीच सरकार और उद्योगों के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय पर जोर दिया जाएगा।
बॉक्स | श्रम संहिताओं से उद्योगों के लिए आसान होगा अनुपालन : आशीष गोयल
अपर मुख्य सचिव, श्रम एवं सेवायोजन आशीष कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के विजन के अनुरूप चार श्रम संहिताओं के माध्यम से कई पुराने श्रम कानूनों को समाहित कर व्यवस्था को सरल बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत लंबे समय से श्रम कानूनों की जटिलता और अनुपालन से जुड़ी कठिनाइयों को दूर करने की मांग करता रहा है। चारों संहिताओं के माध्यम से व्यवस्था को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।
गोयल के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इनसे संबंधित अधिकांश नियमावलियां जारी हो चुकी हैं। उद्योगों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों से संबंधित आवेदन एक ही पोर्टल के माध्यम से किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे उद्योगों का समय बचाने और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। प्रदेशभर में श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

बॉक्स | श्रम संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन उद्योग और श्रमिक दोनों के हित में : सौम्या अग्रवाल
श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि सत्र का उद्देश्य उद्योग और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए श्रमिक सम्मान, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि चार श्रम संहिताओं में वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता शामिल हैं। विभाग इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मल्टीपल रजिस्ट्रेशन को कम करने और सिंगल विंडो व्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना, श्रमिकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी महत्वपूर्ण पहल है।
सौम्या अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल, महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं समान अवसर और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं का निर्माण जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना भी है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव आशीष कुमार गोयल, श्रम आयुक्त सौम्या अग्रवाल, जुनैद, बसंत गंगवार, राकेश द्विवेदी, बृजेश सहित गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा और एनसीआर क्षेत्र के श्रम विभाग के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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