ट्रूकॉलर ने लॉन्च किया ‘स्कैम चेकर’, फर्जी लिंक, नंबर और मैसेज की चंद सेकंड में होगी जांच

स्कैम का पता लगाने वाली तकनीक और यूजर्स की समझदारी को एक मंच पर लाने की पहल, एंड्रॉयड ऐप और वेब पर उपलब्ध होगी सुविधा
लखनऊ। ऑनलाइन ठगी और साइबर स्कैम के बढ़ते मामलों के बीच ट्रूकॉलर ने ‘ट्रूकॉलर स्कैम चेकर’ लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, इस नए वेब और एंड्रॉयड आधारित प्लेटफॉर्म की मदद से यूजर्स किसी संदिग्ध लिंक, फोन नंबर या मैसेज की कुछ ही सेकंड में जांच कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा ट्रूकॉलर के करीब 500 मिलियन यूजर्स से प्राप्त स्कैम संबंधी जानकारी और कम्युनिटी सिग्नल का इस्तेमाल करती है।
ट्रूकॉलर के अनुसार, स्कैम चेकर तैयार करने का उद्देश्य लोगों को यह समझने में मदद करना है कि कहीं वे किसी धोखाधड़ी के जाल में तो नहीं फंस रहे हैं। इसके साथ ही यूजर्स को स्कैम के नए तरीकों और संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
एक ही जगह पर नंबर, लिंक और स्कैम की कहानी की जांच
कंपनी के मुताबिक, अब तक ट्रूकॉलर की सुरक्षा सेवाएं मुख्य रूप से कॉलर की पहचान करने और स्पैम कॉल को पहचानने या ब्लॉक करने पर केंद्रित थीं। स्कैम चेकर के जरिए इस सुरक्षा दायरे को आगे बढ़ाते हुए फर्जी लिंक, संदिग्ध नंबर और स्कैम से जुड़ी जानकारी को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
स्कैम चेकर में ऐसी कई सुविधाओं को एक साथ जोड़ा गया है, जिनकी मदद से यूजर्स किसी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को लेकर बेहतर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
लिंक की हो सकेगी जांच
यूजर्स किसी संदिग्ध वेब लिंक को स्कैम चेकर पर जांच सकते हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संबंधित लिंक संभावित धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
फोन नंबर की जानकारी भी उपलब्ध
किसी संदिग्ध फोन नंबर को लेकर यूजर्स ट्रूकॉलर के डिटेक्शन सिस्टम और कम्युनिटी सिग्नल से प्राप्त जानकारी देख सकेंगे। इससे किसी नंबर की विश्वसनीयता को लेकर उपलब्ध संकेतों को समझने में मदद मिलेगी।
‘स्कैमफीड’ में मिलेंगी संबंधित रिपोर्ट
स्कैम चेकर में ‘स्कैमफीड’ रिपोर्ट की सुविधा भी शामिल है। इसके जरिए यूजर्स दूसरे लोगों द्वारा रिपोर्ट किए गए समान या मिलते-जुलते स्कैम के मामलों को देख सकेंगे। इससे किसी नए या संदिग्ध धोखाधड़ी के तरीके को समझने में मदद मिल सकती है।
यूजर अपनी समस्या अपने शब्दों में बता सकेंगे
ट्रूकॉलर के मुताबिक, यूजर्स अपनी समस्या या प्राप्त संदिग्ध संदेश को अपने शब्दों में भी बता सकेंगे। इसके आधार पर संबंधित परिणाम उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें यूजर द्वारा दिए गए लिंक या नंबर की जांच के साथ-साथ कम्युनिटी की ओर से साझा की गई समान रिपोर्ट भी शामिल हो सकती हैं।
कंपनी का कहना है कि आमतौर पर किसी फर्जी संदेश में तीन प्रमुख चीजें होती हैं—एक नंबर, एक लिंक और एक कहानी। स्कैम चेकर इन तीनों की जांच के लिए एक ही जगह उपलब्ध कराने की दिशा में तैयार किया गया है।
आगे और फीचर्स जोड़ने की तैयारी
ट्रूकॉलर आने वाले समय में स्कैम चेकर की क्षमताओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है। कंपनी के अनुसार, भविष्य में स्कैम के नए तरीकों से जुड़ी अधिक जानकारी, बेहतर विश्लेषण के लिए स्क्रीनशॉट अपलोड करने की सुविधा, यूजर ऑथेंटिकेशन समेत कई अन्य फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
सीईओ ने कहा- संदिग्ध स्थिति में तुरंत जांच की जरूरत
इस मौके पर ट्रूकॉलर के सीईओ ऋषित झुनझुनवाला ने कहा कि कई बार लोगों को किसी संदेश, लिंक या कॉल को लेकर संदेह होता है, लेकिन कोई कदम उठाने से पहले उन्हें तुरंत जांच करने के आसान तरीके की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि स्कैम चेकर में स्कैम का पता लगाने की तकनीक और ट्रूकॉलर कम्युनिटी की रिपोर्ट को एक साथ लाया गया है, ताकि लोग किसी संदिग्ध लिंक, नंबर या कहानी की एक ही जगह पर जांच कर सकें।
भारत में एंड्रॉयड ऐप पर उपलब्ध
कंपनी के मुताबिक, ट्रूकॉलर स्कैम चेकर भारत में एंड्रॉयड ऐप पर लॉन्च कर दिया गया है। इसे आने वाले समय में अन्य देशों में भी उपलब्ध कराने की योजना है। कंपनी की वेबसाइट पर भी इसे वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा भविष्य में अन्य बाजारों और iOS प्लेटफॉर्म पर भी स्कैम चेकर लॉन्च करने की योजना है।
ट्रूकॉलर के इस नए फीचर का उद्देश्य यूजर्स को संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों की पहचान करने के लिए एक अतिरिक्त जांच सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि किसी लिंक, नंबर या मैसेज पर कार्रवाई करने से पहले उसके बारे में अधिक जानकारी हासिल की जा सके।
Advertisements……




