पीडीए रथ यात्रा को लेकर सियासत तेज

“जाति का जहर घोलने निकले हैं अखिलेश, 100 यात्राएं भी नहीं बचा पाएंगी सपा को” : अनिल राजभर
पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए पीडीए रथ यात्रा को “फर्जी यात्रा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा हर मोर्चे पर विफल होने के बाद जातीय राजनीति के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।
सपा चाहे एक यात्रा निकाले या 100, जनता नहीं आएगी बहकावे में: अनिल राजभर
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे एक यात्रा निकाले या 100 यात्राएं, जनता अब उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा, दलित, कमजोर और मजदूर वर्ग समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके कार्यकाल से परिचित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए सपा को गरीबों की याद नहीं आती और अब पिछड़ों एवं दलितों को अपने साथ जोड़ने के लिए राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है।
पीडीए की परिभाषा पर भी उठाए सवाल
अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी से पीडीए की स्पष्ट परिभाषा बताने को कहा। उन्होंने दावा किया कि सपा के नेता खुद पीडीए को लेकर अलग-अलग बातें करते हैं। उनके अनुसार, इस तरह की राजनीतिक रणनीति से चुनावी राजनीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वोटर फॉर्म और चुनाव आयोग के सवाल पर भी बोले अनिल राजभर
नए वोटर फॉर्म में सर्विलांस से संबंधित जानकारी जोड़े जाने और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति के सवाल पर अनिल राजभर ने कहा कि हाल के घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि प्रक्रिया नियमों के अनुसार आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी भी विषय पर निर्णय लेने से पहले आपसी विचार-विमर्श और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करता है तथा अलग-अलग राय लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
कल्याण सिंह के परिवार से मुलाकात को लेकर अखिलेश पर सवाल
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने भी अखिलेश यादव की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाए। रायबरेली में सपा विधायक राहुल लोधी के आवास पर अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नेताओं के घर जाना राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है, लेकिन अखिलेश यादव को यह भी बताना चाहिए कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय कल्याण सिंह के परिवार से उन्होंने अब तक मुलाकात क्यों नहीं की।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना राजनीतिक नहीं बल्कि मानवीय और संवैधानिक शिष्टाचार का विषय हो सकता है। उन्होंने अखिलेश यादव की लोध समाज के बीच प्रस्तावित सक्रियता के संदर्भ में उनके पुराने व्यवहार पर भी सवाल उठाया।
“पीडीए मतलब परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस”: दिनेश प्रताप सिंह
दिनेश प्रताप सिंह ने पीडीए की व्याख्या करते हुए इसे “परमानेंटली डिवाइडेड अलायंस” बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज का समर्थन अब समाजवादी पार्टी के साथ नहीं है और पिछड़ा समाज एनडीए के साथ खड़ा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं, जिनमें अखिलेश यादव से दलितों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर सवाल किए जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से इस खबर के लिए कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया इस उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।
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