योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, लखनऊ-उन्नाव-रायबरेली को 380 करोड़

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत तीन विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं के लिए पहली किस्त जारी करने को मंजूरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए कुल 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से नए शहरों के विकास, भूमि अर्जन और आवासीय सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सुनियोजित शहरी विकास पर जोर
विशेष सचिव आवास राजेश कुमार राय ने बताया कि प्रदेश में तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और आवासीय जरूरतों को देखते हुए सरकार नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास पर जोर दे रही है। इसी उद्देश्य से 6 अप्रैल 2023 के शासनादेश के माध्यम से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना लागू की गई थी।
योजना के तहत नगरीय क्षेत्रों के व्यवस्थित विस्तार के साथ आम जनता को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए नए शहरों के विकास हेतु आवश्यक भूमि अर्जन और अवस्थापना सुविधाओं के विकास को प्रोत्साहित किया जाता है।
भूमि अर्जन के लिए 50 प्रतिशत तक सीड कैपिटल
योजना के तहत भूमि अर्जन पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध करा सकती है। यह धनराशि अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दिए जाने का प्रावधान है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विकास प्राधिकरणों को नए शहरों के लिए आवश्यक भूमि अर्जित करने में वित्तीय सहायता देना है। इससे भूमि अर्जन के तत्काल वित्तीय दबाव को कम करने और परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी।
तीनों परियोजनाओं के लिए 655.76 करोड़ तक की सहायता
योजना के तहत लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरणों की परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 655.76 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है। इसी के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 380 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
धनराशि जारी होने के बाद तीनों क्षेत्रों में भूमि अर्जन और नए शहरों के विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
2026-27 में नए शहरों के लिए 3,500 करोड़ का बजटीय प्रावधान
प्रदेश में नए शहरों के समग्र एवं समुचित विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,500 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से शहरी विस्तार, भूमि अर्जन और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय आधार उपलब्ध कराया जाएगा।
आम जनता को बेहतर आवासीय सुविधाओं की उम्मीद
सरकार की इस योजना का प्रमुख उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों का सुनियोजित विस्तार करते हुए आम जनसंख्या के लिए आवासीय सुविधाओं का विकास करना है। लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की परियोजनाओं के लिए 380 करोड़ रुपये की पहली किस्त मंजूर होने से इन क्षेत्रों में नए शहरों के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य की आवासीय जरूरतों के अनुरूप शहरी अवस्थापना विकसित करने का आधार भी तैयार होगा।
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