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अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की ‘दीदियां’

गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे 3 हजार से अधिक उत्पाद, 543 प्रेरणा सरस स्टोर और डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगी नई पहचान

लखनऊ, 15 सितंबर। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब अपने स्थानीय उत्पादों के जरिए राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए प्रदेश में 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।

अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर स्थानीय उत्पादों को बिक्री का मंच दे रहे हैं, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म इनके बाजार को प्रदेश और देश से आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

छोटे उद्यमों के विस्तार का मिलेगा अवसर

ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाएं बाजार की मांग को समझकर अपने उत्पाद और उत्पादन की दिशा तय कर सकेंगी। इससे उनकी आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण स्तर पर नए उद्यम विकसित होने की संभावना भी बढ़ेगी।

दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचेंगे स्थानीय उत्पाद

डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित किया जा रहा है।

इस व्यवस्था से किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पाद दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने की उम्मीद है।

बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच केवल बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का भी अवसर है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन के साथ ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की रणनीति बनाने में मदद करेगा। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकेंगी।

लोकल हुनर को मिलेगी ग्लोबल उड़ान

3,000 से अधिक उत्पाद, 543 प्रेरणा सरस स्टोर और डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म ग्रामीण महिला उद्यमिता को नई दिशा दे रहे हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे।

यह पहल उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।

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