आईटीसी घोटाले का पर्दाफाश, अंतरराज्यीय गिरोह के 5 आरोपी गिरफ्तार

पीलीभीत, संवाददाता। पीलीभीत पुलिस ने जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का खुलासा करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह फर्जी फर्मों का निर्माण कर करोड़ों रुपये के टैक्स घोटाले को अंजाम दे रहा था।
मामले की जानकारी देते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी सदर नताशा गोयल ने बताया कि क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे की जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना चंदन मिश्रा पहले से ही जेल में बंद है, जबकि पुलिस ने हरिओम, विपिन जैन, दीपक चौधरी और बच्चु समेत चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी दिल्ली और उत्तराखंड के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर नौकरी और सस्ते ऋण दिलाने के नाम पर विज्ञापन जारी करते थे। लोगों को झांसे में लेकर उनके व्यक्तिगत दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की जाती थी। इसके बाद फर्जी भूमि संबंधी दस्तावेज और किरायानामा तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किए जाते थे तथा एआरएन (Application Reference Number) प्राप्त किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ितों के मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी भी आरोपियों द्वारा विभिन्न तरीकों से हासिल कर लिए जाते थे। एआरएन जनरेट होने के बाद फर्जी जीएसटी पंजीकरण को सक्रिय कराने के लिए दिल्ली तक फैले नेटवर्क का उपयोग किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य कुछ वकीलों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से फर्जी जीएसटी नंबर स्वीकृत करवाते थे। बाद में इन सक्रिय जीएसटी नंबरों को व्हाट्सएप के माध्यम से ऊंची कीमतों पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाया जाता था।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, नौ सिम कार्ड तथा 15 जीमेल आईडी और उनके पासवर्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरा फर्जीवाड़ा डिजिटल माध्यमों से संचालित किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच के दायरे में कुछ वकील और संबंधित विभाग के कर्मचारी भी हैं। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


