कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 11 लोगों की मौत

हादसे में 8 बच्चों की भी जान जाने की खबर, विस्फोट के बाद इलाके में मचा हड़कंप; प्रशासन ने शुरू की जांच
कौशांबी, 1 सितंबर। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। अचानक हुए धमाके के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 11 लोगों की मौत होने की खबर है, जिनमें 8 बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज आसपास के कई इलाकों तक सुनाई दी। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए।
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया। मलबे में फंसे लोगों की तलाश और घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री में पटाखों से संबंधित सामग्री रखी हुई थी। इसी दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और देखते ही देखते फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके के कारण आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। घटनास्थल पर मलबा बिखरा मिला और पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी।
सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच
प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था, पटाखों के भंडारण और संचालन से जुड़े नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
हादसे के बाद प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवारों में मचा कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिवारों में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचने लगे। अपनों को खोने वाले परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्य पूरा करना तथा हादसे में प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फैक्ट्री में पटाखों और विस्फोटक सामग्री का भंडारण किस प्रकार किया जा रहा था और क्या सभी निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
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