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आईसीआईसीआई लाइफ के शुद्ध लाभ में 26.5% की वृद्धि, पहली छमाही में 760 करोड़ रुपये का मुनाफा

नए कारोबार का प्रीमियम 25% बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये पहुंचा, दावा निपटान अनुपात 99.3% दर्ज

मुंबई, अक्टूबर 2026। आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कर पश्चात शुद्ध लाभ (पीएटी) सालाना आधार पर 26.5 प्रतिशत बढ़कर 760 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के निदेशक मंडल ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है।

कंपनी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में नए कारोबार का प्रीमियम 25 प्रतिशत बढ़कर 11,821 करोड़ रुपये रहा। वहीं, नए कारोबार का मूल्य (वीएनबी) 22.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,283 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान वीएनबी मार्जिन 26 प्रतिशत दर्ज किया गया।

सुरक्षा बीमा और वार्षिकी कारोबार में तेजी

कंपनी के व्यक्तिगत सुरक्षा बीमा कारोबार में सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, पेंशन और नियमित आय प्रदान करने वाली वार्षिकी योजनाओं के कारोबार में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्तिगत बीमा का कुल बीमित मूल्य 34.9 प्रतिशत बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के मुताबिक, यह ग्राहकों को उपलब्ध कराए जा रहे बीमा कवर में विस्तार को दर्शाता है।

आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) सिद्धार्थ मिश्रा ने कहा कि ग्राहकों को प्राथमिकता देना कंपनी के कामकाज का मूल सिद्धांत है। सुरक्षा बीमा और वार्षिकी योजनाएं कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। इनके माध्यम से देश में बीमा सुरक्षा और सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय की जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विविध वितरण नेटवर्क, ग्राहक-केंद्रित उत्पादों, बेहतर बिक्री एवं सेवा व्यवस्था और मजबूत जोखिम व पूंजी प्रबंधन के जरिए कंपनी विकास के नए अवसरों का लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। कंपनी का लक्ष्य कारोबार की वृद्धि, मुनाफे और जोखिम प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखते हुए नए कारोबार के मूल्य में टिकाऊ वृद्धि हासिल करना है।

दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का दावा निपटान अनुपात 99.3 प्रतिशत रहा। जिन दावों में जांच की आवश्यकता नहीं थी, उनके निपटान में औसतन 1.1 दिन का समय लगा। इस अवधि में कंपनी ने 2,627 करोड़ रुपये के मृत्यु दावों का भुगतान किया। इसके अतिरिक्त, परिपक्वता और उत्तरजीविता लाभ के रूप में 8,634 करोड़ रुपये वितरित किए गए।

कंपनी के अनुसार, ये आंकड़े ग्राहकों और उनके परिवारों को जरूरत के समय वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा दावों के समयबद्ध निपटान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

पॉलिसी जारी करने की प्रक्रिया में सुधार

कंपनी ने बताया कि पहली छमाही में उसकी 54 प्रतिशत बचत बीमा पॉलिसियां आवेदन के दिन ही जारी कर दी गईं। जीएसटी को छोड़कर प्रीमियम के मुकाबले लागत का अनुपात सालाना आधार पर 30 आधार अंक घटकर 18.3 प्रतिशत रह गया। वहीं, बचत बीमा कारोबार में यह अनुपात 90 आधार अंक घटकर 11.6 प्रतिशत दर्ज किया गया।

कंपनी ने अपने 25 वर्षों के सफर को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इस दौरान उसने 20 करोड़ से अधिक भारतीयों के सपनों और वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने में योगदान दिया है। कंपनी ने ग्राहकों को प्राथमिकता देने और उनके वित्तीय भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

कुल मिलाकर, पहली छमाही में मुनाफे, नए कारोबार के प्रीमियम और सुरक्षा बीमा कारोबार में दर्ज वृद्धि ने आईसीआईसीआई लाइफ इंश्योरेंस के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दी है।

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