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आगरा के 65 हजार से अधिक छोटे कारोबारियों के लिए खुला ग्लोबल बाजार

तीन लाख रुपये तक के निर्यात पर RCMC की अनिवार्यता खत्म, डाक और कूरियर से विदेश भेज सकेंगे उत्पाद

आगरा, 18 सितंबर। ई-कॉमर्स निर्यात के नियमों में बदलाव से आगरा के 65 हजार से अधिक सूक्ष्म विनिर्माण कारोबारियों के लिए विदेशी बाजार तक पहुंच आसान हो गई है। अब ₹3 लाख तक के निर्यात माल के लिए जहां RCMC या पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता लागू होती थी, वहां इस सीमा तक छूट दी गई है। केंद्र सरकार ने यह बदलाव छोटे और पहली बार निर्यात करने वाले कारोबारियों के लिए अनुपालन का बोझ कम करने के उद्देश्य से किया है।

जूते, हैंडीक्राफ्ट और गारमेंट कारोबारियों को फायदा

आगरा में जूते, मार्बल हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट, दवा और अन्य उत्पादों से जुड़े बड़ी संख्या में सूक्ष्म उद्यम हैं। नए नियमों से ऐसे कारोबारी डाक, कूरियर और अन्य ई-कॉमर्स माध्यमों के जरिए विदेशी ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचाने की प्रक्रिया में पहले की तुलना में कम औपचारिकताओं का सामना करेंगे। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आगरा में 65,592 सूक्ष्म, 798 लघु और 69 मध्यम विनिर्माण इकाइयां पंजीकृत हैं।

तीन लाख तक RCMC से छूट

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 16 सितंबर 2026 को Foreign Trade Policy में संशोधन किया। इसके तहत FOB मूल्य ₹3 लाख तक के निर्यात कंसाइनमेंट के लिए RCMC या Certificate of Registration की आवश्यकता नहीं होगी, जहां यह प्रमाणपत्र अन्यथा जरूरी होता। ₹3 लाख से अधिक के कंसाइनमेंट पर संबंधित नियम लागू रहेंगे।

डाक निर्यात केंद्र से बढ़ सकती है पहुंच

आगरा के प्रतापपुरा प्रधान डाकघर स्थित डाक निर्यात केंद्र से वर्तमान में स्थानीय निर्यातक और कारोबारी जुड़े हैं। नियमों में राहत मिलने से छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप और दस्तकारों के लिए ई-कॉमर्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।

कूरियर निर्यात की सीमा भी पहले ही हटाई जा चुकी है

सरकार ने अप्रैल 2026 से कूरियर माध्यम से निर्यात के लिए पहले लागू ₹10 लाख प्रति कंसाइनमेंट की सीमा भी हटा दी थी। इससे ई-कॉमर्स निर्यातकों और MSME कारोबारियों को अधिक लचीलापन मिला है।

निष्कर्ष: नए बदलावों से आगरा के छोटे कारोबारियों के लिए स्थानीय उत्पादों को विदेशी ग्राहकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया सरल हुई है और कम मूल्य के निर्यात में दस्तावेजी अनुपालन का बोझ घटा है।

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