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मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर सपा का भाजपा पर हमला, हेमराज वर्मा ने दी आंदोलन की चेतावनी

पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों की वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग

पीलीभीत। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर पीलीभीत में सियासी घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी ने भाजपा और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मतदाता सूची में विसंगतियों को दूर कराने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि कथित गड़बड़ियों पर रोक नहीं लगी, तो वह धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार की ओर से राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में पीलीभीत जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया है। पार्टी ने नाम, पिता के नाम और पते से जुड़ी विसंगतियों को दूर कराने के साथ ही पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग की है।

हेमराज वर्मा ने मंत्री पर लगाए आरोप

समाजवादी पार्टी के नेता, पूर्व मंत्री एवं पीलीभीत की 127 विधानसभा सीट से भावी प्रत्याशी हेमराज वर्मा ने मतदाता सूची के मुद्दे पर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां प्रदेश सरकार में मंत्री संजय सिंह गंगवार के इशारे पर कराई जा रही हैं।

हेमराज वर्मा ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक, यह मामला केवल नाम और पते में त्रुटियों का नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

हालांकि, मंत्री संजय सिंह गंगवार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में उनका पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।

चारों विधानसभा क्षेत्रों की सूची में सुधार की मांग

सपा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की समीक्षा कराने की मांग की गई है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में दर्ज नाम, वल्दियत और पते से संबंधित त्रुटियों को समय रहते ठीक किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

पार्टी ने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की अपील की है। साथ ही, 17 और 24 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची संशोधन से संबंधित मांगें भी उठाई हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन के संकेत

समाजवादी पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने और उसके पुनरीक्षण की प्रक्रिया में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

इस मुद्दे पर सपा के आक्रामक रुख से जिले में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत हैं। अब संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। शिकायतों की जांच और मतदाता सूची में आवश्यक सुधार से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सपा ने अपना विरोध तेज कर दिया है। यदि उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो आने वाले दिनों में पीलीभीत की राजनीति में आंदोलन का मुद्दा और गरमा सकता है।

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