विश्व पर्यटन दिवस पर बाबा नीब करौरी सर्किट की आध्यात्मिक यात्रा शुरू

‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत 30 पर्यटकों का दल लखनऊ से रवाना, जन्मस्थली से समाधि स्थल तक करेंगे दर्शन
लखनऊ, 25 सितंबर 2026। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बाबा नीब करौरी की भक्ति, साधना और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े प्रमुख स्थलों की यात्रा के लिए 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल शुक्रवार को लखनऊ से रवाना हुआ। हनुमान सेतु से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की बस को रवाना किया गया। ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत आयोजित यह तीन दिवसीय विशेष टूर 25 से 27 सितंबर तक चलेगा।
बारिश की फुहारों के बीच शुरू हुई इस आध्यात्मिक यात्रा को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न आयु वर्ग के पर्यटक इस यात्रा का हिस्सा बने।
16,500 रुपये के पैकेज को 8,500 रुपये में किया गया उपलब्ध
यूपीएसटीडीसी की ओर से तैयार किए गए विशेष तीन दिवसीय टूर पैकेज की सामान्य कीमत 16,500 रुपये है, जबकि इस विशेष यात्रा के लिए इसे 8,500 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। डबल शेयरिंग के आधार पर पैकेज में वातानुकूलित आवास, होटल में नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, हाई टी, टूर गाइड तथा विभिन्न पर्यटन स्थलों के प्रवेश शुल्क शामिल हैं।
इस पैकेज का उद्देश्य पर्यटकों को बाबा नीब करौरी से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों की सुविधाजनक, व्यवस्थित और गाइडेड यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है।

बारिश के बीच भी दिखा श्रद्धालुओं में उत्साह
यात्रा में शामिल पर्यटक दीनानाथ ने बताया कि बाबा नीब करौरी से जुड़े स्थलों की यात्रा करने की लंबे समय से इच्छा थी। बारिश के बीच यात्रा की शुरुआत ने उत्साह को और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा, ठहरने और भोजन की व्यवस्थाएं पहले से होने के कारण बिना किसी परेशानी के बाबा की आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिल रहा है।
महिला पर्यटक मीना देवी ने भी बाबा नीब करौरी की भक्ति और साधना से जुड़े स्थलों को देखने को लेकर उत्सुकता जताई। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से इन आध्यात्मिक स्थलों को करीब से जानने और उनके महत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।
जन्मस्थली से समाधि स्थल तक पहुंचेगा पर्यटकों का दल
30 सदस्यीय पर्यटकों का दल शुक्रवार सुबह लखनऊ के हनुमान सेतु से रवाना हुआ। यात्रा के पहले दिन दल फर्रुखाबाद पहुंचेगा, जहां बाबा नीब करौरी आश्रम के दर्शन के बाद संकिसा का भ्रमण किया जाएगा। यहां पर्यटक अशोक स्तंभ, बौद्ध स्तूप, प्राचीन बौद्ध अवशेष और मठों का भ्रमण करेंगे।
दूसरे दिन पर्यटक फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव स्थित बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पहुंचेंगे। इसके बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। शाम को वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर का भ्रमण होगा।
यात्रा के अंतिम दिन वृंदावन में बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थलों के साथ समाधि स्थल, बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद पर्यटक लखनऊ लौटेंगे।
इस प्रकार तीन दिवसीय यात्रा में फिरोजाबाद-फर्रुखाबाद-वृंदावन-लखनऊ को जोड़ने वाले बाबा नीब करौरी सर्किट के प्रमुख स्थलों को शामिल किया गया है।
आध्यात्मिक पर्यटन की नई संभावनाओं पर जोर
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस उत्तर प्रदेश के विविध पर्यटन अनुभवों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी के जीवन, साधना और आध्यात्मिक विरासत के प्रति बढ़ती रुचि प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन की नई संभावनाओं को सामने ला रही है।
मंत्री के अनुसार, विशेष टूर पैकेज के माध्यम से पर्यटकों को बाबा से जुड़े अल्पज्ञात स्थलों से परिचित कराने और अधिक से अधिक यात्रियों को उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बाबा की जन्मस्थली और समाधि स्थली दोनों से जुड़ा है उत्तर प्रदेश
अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं यूपीएसटीडीसी के चेयरमैन अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली और समाधि स्थली, दोनों का साक्षी है। दुनियाभर में बाबा के अनुयायियों के लिए इन स्थलों का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, हालांकि प्रदेश से उनके जुड़ाव के बारे में अभी अपेक्षाकृत कम लोगों को जानकारी है।
उन्होंने कहा कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत प्रदेश सरकार बाबा से जुड़े आस्था स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत कर रही है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित बाबा नीब करौरी सर्किट की यह विशेष यात्रा इसी पहल का हिस्सा है। इसके जरिए देश-दुनिया के पर्यटकों को बाबा की आध्यात्मिक विरासत और उत्तर प्रदेश से उनके जुड़ाव से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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