अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान

पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक ट्रस्ट की जिम्मेदारी पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के पास थी। शिवपाल से ट्रस्ट की कमान लिए जाने के फैसले को लेकर भाजपा नेताओं ने सपा और अखिलेश यादव पर निशाना साधा है।
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर और राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उन्होंने ट्रस्ट की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली।
ओपी राजभर ने उठाया भरोसे पर सवाल
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है। राजभर ने दोनों नेताओं के बीच रहे पुराने राजनीतिक मतभेदों का जिक्र करते हुए कहा कि शिवपाल यादव एक समय सपा से अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके थे।
राजभर ने कहा कि उस दौर में शिवपाल यादव ने सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ कई तरह के बयान दिए थे। ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अखिलेश यादव का शिवपाल पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश यादव ने अपने हाथों में ले ली है।
नरेंद्र कश्यप बोले- परिवार तक सीमित है जिम्मेदारी
योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि इसकी कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी लगातार परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि भविष्य में शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट का संचालन करें, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली।
शिवपाल-अखिलेश के रिश्तों में रहा है उतार-चढ़ाव
शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक रिश्तों में लंबे समय से उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। शिवपाल यादव सपा से अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी उनके हाथों से निकलकर अखिलेश यादव के पास जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिलेश के पास अब तीनों प्रमुख जिम्मेदारियां
लोहिया ट्रस्ट की कमान संभालने के बाद अखिलेश यादव के पास अब समाजवादी पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की जिम्मेदारी है।
बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन समाजवादी पार्टी के गठन से पहले हुआ था। इसका प्रमुख उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है। ट्रस्ट की जिम्मेदारी में हुए इस बदलाव के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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