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प्रयागराज में 27 वर्षीय फोटोग्राफर की हत्या, शव बैग में भरकर रीवा की पहाड़ी पर फेंका

50 हजार रुपये की उधारी को लेकर विवाद का दावा, CCTV से खुला राज; तीन आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज। धूमनगंज क्षेत्र में 27 वर्षीय फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन दोस्तों ने पहले आलोक को गोली मारी और इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव के हाथ-पैर तोड़कर उसे एक बड़े बैग में भर दिया और करीब 62 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सोहागी पहाड़ी पर फेंक दिया। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार की है। हालांकि मामले में फोटोग्राफर की गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ की जा रही है।

10 अगस्त से लापता था आलोक

आलोक गुप्ता मूल रूप से प्रतापगढ़ के कुंडा का रहने वाला था। पिछले कुछ वर्षों से वह प्रयागराज के धूमनगंज स्थित अंबर अपार्टमेंट में किराए के फ्लैट में रह रहा था। वह शादी और अन्य समारोहों में फोटोग्राफी का काम करता था। इसके अलावा वह सोशल मीडिया के लिए रील भी बनाता था।

बताया गया कि 10 अगस्त को आलोक अचानक लापता हो गया। अगले दिन 11 अगस्त की सुबह परिवार ने उसके मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मोबाइल बंद होने के बाद परिजन उसके फ्लैट पर पहुंचे तो दरवाजे पर ताला लगा मिला। काफी तलाश के बाद भी जब आलोक का पता नहीं चला तो परिजनों ने 22 अगस्त को धूमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

CCTV में बड़ा बैग लेकर निकलते दिखे तीन युवक

पुलिस ने जांच के दौरान अंबर अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में 10 अगस्त की रात तीन युवक आलोक के फ्लैट से एक बड़ा बैग लेकर बाहर निकलते दिखाई दिए।

इसके बाद तीनों युवक सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार में बैठकर वहां से चले गए। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने युवकों की पहचान शुरू की और साथ ही आलोक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाली।

लड़की से पूछताछ के बाद सामने आया आरोपी का नाम

जांच के दौरान आलोक के मोबाइल की CDR में एक लड़की का नंबर पुलिस के सामने आया। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया। पूछताछ में उसने बताया कि CCTV में दिखाई दे रहे एक युवक को वह जानती है। उसकी पहचान शुभम तिवारी के रूप में हुई, जो नवाबगंज का रहने वाला बताया गया।

इसके बाद पुलिस ने 1 सितंबर को शुभम तिवारी को हिरासत में लिया। शुरुआत में उसने आलोक के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।

CCTV फुटेज दिखाते ही टूट गया आरोपी

पुलिस ने जब शुभम तिवारी को अपार्टमेंट की CCTV फुटेज दिखाई तो वह घबरा गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद उसने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि CCTV में दिखाई दे रहे अन्य दो युवक उसके दोस्त शुभम यादव और अंकुश यादव हैं।

शुभम के कथित बयान के अनुसार, तीनों 10 अगस्त की रात करीब 10 बजे आलोक के फ्लैट पर पहुंचे थे। आरोप है कि शुभम ने तमंचे से आलोक पर गोली चलाई। आलोक नीचे झुक गया, जिससे गोली उसके कंधे में लगी। इसके बाद तीनों ने उसे पकड़ लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

आरोप है कि हत्या के बाद शव को एक बैग में रखा गया और सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार से उसे प्रयागराज से मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सोहागी पहाड़ी ले जाया गया। वहां शव को फेंकने के बाद आरोपी वापस लौट आए।

50 हजार रुपये की उधारी को लेकर विवाद का दावा

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम तिवारी ने कथित तौर पर बताया कि उसने आलोक से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। उसका दावा है कि आलोक लगातार पैसे वापस मांग रहा था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

शुभम ने पुलिस को बताया कि आलोक उसे पैसों को लेकर बार-बार जलील करता था और कहता था कि वह जीवन में कुछ नहीं कर पाएगा। हालांकि पुलिस हत्या के पीछे बताए जा रहे कारणों की जांच कर रही है।

रीवा की सोहागी पहाड़ी पर मिला था अज्ञात शव

शुभम के कथित कबूलनामे के बाद धूमनगंज पुलिस ने रीवा पुलिस से संपर्क किया। वहां पुलिस को जानकारी मिली कि 14 अगस्त को सोहागी पहाड़ी पर एक बैग में एक युवक का शव मिला था।

शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद रीवा पुलिस ने अज्ञात शव का पोस्टमॉर्टम कराया और उसे दफना दिया था।

रीवा पुलिस से जानकारी मिलने के बाद आलोक के परिजनों को शव की पहचान के लिए बुलाया गया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान आलोक गुप्ता के रूप में की।

तीनों आरोपी गिरफ्तार, गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ

शव की पहचान होने के बाद धूमनगंज पुलिस ने शुभम तिवारी के दोनों साथियों शुभम यादव और अंकुश यादव को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब हत्या के पूरे घटनाक्रम, आरोपियों के बीच संबंध और आलोक की गर्लफ्रेंड से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस दोनों के बीच हुई बातचीत और संपर्कों को भी खंगाल रही है।

DCP सिटी सागर जैन के अनुसार, रीवा के सोहागी पहाड़ी पर मिले शव की पहचान हो गई है और मामले की जांच जारी है। पुलिस जल्द ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा करने की बात कह रही है।

उपलब्ध रिपोर्टों में आलोक की गर्लफ्रेंड अरोही के आरोपी होने की पुष्टि नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, वह पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कड़ी बनीं—उन्होंने CCTV में शुभम तिवारी को पहचाना। वहीं, एक आरोपी ने हत्या के बाद आलोक के फोन से उसकी गर्लफ्रेंड से चैट जारी रखी थी, ताकि आलोक के जिंदा होने का भ्रम बना रहे।

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