धोखाधड़ी के आरोपी को 17 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने का आदेश

रुपयों के लेनदेन और चेक बाउंस से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी यश्वी शर्मा को 17 अप्रैल 2026 को न्यायालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।अदालत ने इससे पहले भी आरोपी को समन जारी कर पेश होने के निर्देश दिए थे, लेकिन लगातार गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए अब कोर्ट ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अगली तिथि पर भी अनुपस्थिति की स्थिति में आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रकरण के वादी मनोज कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता जयवर्धन के माध्यम से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वर्ष 2021 में आरोपी ने घरेलू आवश्यकता का हवाला देकर उनसे 1 लाख 70 हजार रुपये छह माह के लिए उधार लिए थे। वादी के अनुसार यह राशि डिजिटल माध्यम और नकद दोनों रूपों में दी गई थी।
समय सीमा पूरी होने के बाद जब वादी ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी पक्ष द्वारा टालमटोल की गई और कथित रूप से धमकी भी दी गई। इसके बाद वादी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की।
जांच के दौरान सामने आया कि वादी की मुलाकात अजय कुमार शर्मा से बस यात्रा के दौरान हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच संपर्क बना। जनवरी 2021 में पारिवारिक समस्या का हवाला देकर रुपये उधार लिए गए। वहीं मार्च 2021 में अजय शर्मा के भाई के दुर्घटनाग्रस्त होने का हवाला देते हुए कुछ राशि यश्वी शर्मा के खाते में डलवाई गई, जबकि शेष नकद दी गई।
वादी के अनुसार कुल लगभग 1 लाख 18 हजार रुपये का लेनदेन हुआ। रकम वापसी के लिए आरोपी की ओर से 1 लाख 10 हजार रुपये का चेक दिया गया, जो बाद में बाउंस हो गया। इसके बाद केवल 8 हजार रुपये ही लौटाए गए।
अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया है कि 17 अप्रैल 2026 की अगली तिथि पर आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य है। अब इस तिथि को इस मामले में निर्णायक माना जा रहा है।




