प्रधानमंत्री का युवाओं पर फोकस

आज देश के विभिन्न हिस्सों में नई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है, और सरकार का पूरा ध्यान युवाओं को कौशल, अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। उन्होंने रोजगार सृजन को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक विस्तार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल अवसंरचना के माध्यम से लाखों नए रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने ‘डिजिटल इंडिया’ पहल को और अधिक व्यापक बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि डिजिटल कनेक्टिविटी, ई-गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं के विस्तार से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी भी कम होगी। साथ ही, युवाओं को डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करते हुए उन्होंने स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणा की। सरकार नवाचार को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और उद्यमियों को आसान ऋण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं लागू करेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इन पहलों से देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के माध्यम से देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ खड़ी है और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।




