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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूआज प्रयागराज पहुंचेगी महाकुंभ में लगाएंगी डुबकी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज प्रयागराज पहुंचेंगी, जहां वे महाकुंभ के पावन अवसर पर संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगी। उनके इस आध्यात्मिक यात्रा को लेकर पूरे क्षेत्र में खास तैयारियां की गई हैं। संगम नगरी प्रयागराज में राष्ट्रपति का यह दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब देश की प्रथम नागरिक स्वयं महाकुंभ में स्नान कर पुण्य अर्जित करेंगी।

भव्य स्वागत की तैयारियां

राष्ट्रपति मुर्मू के आगमन को लेकर प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। हवाईअड्डे से लेकर संगम तट तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी उनकी सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने में जुटे हुए हैं। संगम तट पर विशेष वीआईपी जोन तैयार किया गया है, जहां राष्ट्रपति स्नान करेंगी और पूजा-अर्चना करेंगी।

धार्मिक अनुष्ठान और संतों से भेंट

महाकुंभ के इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति विभिन्न संत-महात्माओं से भी मुलाकात करेंगी। अखाड़ों के प्रमुख संतों से उनकी भेंट होने की संभावना है, जहां वे आध्यात्मिक चर्चा करेंगी और आशीर्वाद प्राप्त करेंगी। इसके अलावा, वे विशेष पूजन और हवन में भी शामिल हो सकती हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति की यात्रा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है, ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, और वीआईपी मूवमेंट के लिए ट्रैफिक को कई जगहों पर डायवर्ट किया गया है।

महाकुंभ का महत्व और राष्ट्रपति की भागीदारी

महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इसमें शामिल होना न केवल इस आयोजन को विशेष महत्व देगा, बल्कि यह देशभर में एक प्रेरणादायक संदेश भी देगा। उनके इस धार्मिक यात्रा से कुम्भ मेले की गरिमा और अधिक बढ़ जाएगी।

जनता में उत्साह

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। लोग राष्ट्रपति को देखने और उनके साथ संगम स्नान के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में घाटों की ओर उमड़ रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यह आध्यात्मिक यात्रा निश्चित रूप से प्रयागराज और महाकुंभ के इतिहास में एक यादगार क्षण के रूप में दर्ज होगी।

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