स्वाभिमान मिशन के तहत 10 लाख महिलाएं बनेंगी ‘बिजनेस वुमन’, प्रीति अदाणी की पहल

अदाणी ग्रुप की सामाजिक इकाई अदाणी फाउंडेशन ने अपने 30 वर्ष पूरे होने से पहले महिला सशक्तिकरण के प्रमुख अभियान ‘स्वाभिमान’ को बड़े स्तर पर विस्तार देने की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर में 10 लाख महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।यह घोषणा मुंबई के नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) में आयोजित ‘स्वाभिमान – द राइज़ ऑफ शी’ कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां महिलाओं की आजीविका, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर इस अभियान के प्रभाव को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के तहत पहले चरण में महाराष्ट्र में एक लाख महिलाओं को सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल से छोटे व्यवसाय और जमीनी स्तर के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार होंगे।
स्वाभिमान कार्यक्रम महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जा रहा है। अब तक इस पहल के जरिए मुंबई के वंचित वर्ग की 4,500 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय व डिजिटल साक्षरता प्रदान कर स्थायी आजीविका से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी, ट्रस्टी शिलिन अदाणी, महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े और माविम की एमडी नंदिनी आवाडे उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान ‘स्वतेजा मार्ट’ का उद्घाटन किया गया, जो महिलाओं द्वारा संचालित एक सामुदायिक बाजार है। यहां महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही एक क्लाउड किचन की भी शुरुआत की गई।
मुंबई में इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 800 से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि स्वाभिमान महिला सशक्तिकरण का मजबूत उदाहरण है, जो वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता को बढ़ावा देता है। वहीं, मेयर ऋतु तावड़े ने इसे महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली पहल बताया।
डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना समुदाय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
अदाणी फाउंडेशन वर्तमान में देश के 22 राज्यों के 7,000 से अधिक गांवों में कार्य कर रहा है और 96 लाख से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच बना चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में कार्यरत यह फाउंडेशन अब ‘स्वाभिमान’ को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।यह अभियान देश में महिलाओं द्वारा संचालित सबसे बड़ी आजीविका पहलों में से एक बनने की ओर अग्रसर है, जो महिलाओं को उद्यमी और समाज में नेतृत्वकर्ता बनने का अवसर प्रदान करेगा।



