Adobe और FedEx के शीर्ष नेतृत्व के साथ 120 अमेरिकी सीईओ नई दिल्ली पहुंचे, 67.5 अरब डॉलर निवेश पर कार्यबल तैयारी की चुनौती

लखनऊ/नई दिल्ली। भारत को वैश्विक एआई हब बनाने की दिशा में बड़ा संकेत देते हुए शांतनु नारायण (चेयरमैन, Adobe), राज सुब्रमण्यम (प्रेसिडेंट, FedEx), ब्रैड स्मिथ (प्रेसिडेंट, Microsoft) और हेमंत तनेजा (सीईओ, General Catalyst) सहित 120 अमेरिकी सीईओ का प्रतिनिधिमंडल भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचा। अमेरिकी टेक कंपनियां अगले पांच वर्षों में भारत में एआई और डेटा सेंटर अवसंरचना पर 67.5 अरब डॉलर निवेश की तैयारी कर रही हैं।
The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon और Google के साथ Microsoft के नेतृत्व में यह निवेश भारत को रणनीतिक एआई केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती कार्यबल की तैयारी है। KPMG की ‘इंडिया सीईओ आउटलुक 2025’ रिपोर्ट बताती है कि 74% भारतीय सीईओ मानते हैं कि अगले तीन वर्षों में कंपनियों की वृद्धि कार्यबल की एआई-तैयारी पर निर्भर करेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 35,000 से अधिक प्रतिभागी और 50 से अधिक मंत्री शामिल हुए। U.S.-India Strategic Partnership Forum (USISPF) अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहा है। इसे भारत में एआई-केंद्रित किसी कार्यक्रम में अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी कारोबारी भागीदारी माना जा रहा है।
एआई-नेटिव प्लेटफॉर्म CambrianEdge.ai इस आयोजन में USISPF के नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल हुआ। इसके संस्थापक एवं सीईओ हरजीव सिंह ने एक पैनल चर्चा का संचालन किया, जिसमें भारतीय उद्यमों में बड़े पैमाने पर एआई साक्षरता लागू करने की रणनीतियों पर विचार किया गया। पैनल में GE HealthCare के सीटीओ गिरीश राघवन, HCLTech के सीटीओ विजय गुंटूर, LinkedIn इंडिया के कंट्री मैनेजर एवं वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट) कुमारेश पट्टाबिरामन तथा भारत सरकार के पूर्व सचिव रोहित कुमार सिंह शामिल थे।
चर्चा में एआई साक्षरता—यानी ChatGPT जैसे टूल्स का उपयोग—और एआई प्रवीणता के बीच अंतर को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एआई प्रवीणता का अर्थ है यह समझना कि एआई से मिले परिणामों पर कब भरोसा करना है और कब मानवीय निर्णय जरूरी है। LinkedIn के आंकड़ों के अनुसार, भारत में एआई कौशल की मांग में 51% वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि हुई है, जबकि आपूर्ति 12% बढ़ी है। वहीं 60% कर्मचारियों को रीस्किलिंग की जरूरत है, पर अधिकांश इससे अनभिज्ञ हैं।
HCLTech के विजय गुंटूर ने बताया कि कंपनी आधे कार्यबल के साथ राजस्व दोगुना करने का लक्ष्य रख रही है और 4,000 नई भूमिकाएं सृजित कर रही है, जो 18 महीने पहले अस्तित्व में नहीं थीं। GE HealthCare के गिरीश राघवन ने कहा कि उनके पास एफडीए से स्वीकृत एआई समाधानों की बड़ी संख्या है और स्वास्थ्य सेवाओं में निदान के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया जा रहा है, हालांकि अंतिम जवाबदेही मनुष्यों के पास ही रहेगी।
Deloitte की ‘स्टेट ऑफ एआई इन एंटरप्राइज’ रिपोर्ट के मुताबिक 78% संगठनों ने एआई टूल्स लागू कर दिए हैं, लेकिन केवल 6% कर्मचारी उन्हें प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सहज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अंतर दूर नहीं किया गया, तो बड़े अवसंरचना निवेश अपेक्षित लाभ नहीं दे पाएंगे।
नॉलेज पार्टनर के रूप में CambrianEdge.ai ने प्रतिभागियों को अपने एआई-आधारित मार्केटिंग प्लेटफॉर्म की 30-दिन की निःशुल्क पहुंच प्रदान की। यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में 20 देशों में 300 से अधिक संगठनों द्वारा उपयोग किया जा रहा है और वास्तविक परियोजनाओं के माध्यम से एआई प्रवीणता विकसित करने पर जोर देता है।
विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि भारत के पास प्रतिभा और महत्वाकांक्षा दोनों हैं, लेकिन 67.5 अरब डॉलर के निवेश का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब कार्यबल एआई-सक्षम निष्पादन के लिए तेजी से तैयार किया जाए।




