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अब आइपीएल का टाइटल स्पान्सर नहीं होगा वीवो, इस कंपनी ने मारी एंट्री,जानें बीसीसीआइ को मिलेंगे कितने रुपये

मोबाइल कंपनी वीवो अब आइपीएल का टाइटल प्रायोजक नहीं होगा। दरअसल इस कंपनी ने आइपीएल के टाइटल स्पान्सरशिप से अपना हाथ पीछे खींचने का फैसला किया है। वीवो के इस फैसले के बाद आइपीएल ने टाटा को इसकी स्पान्सरशिप दे दी है। इसके बाद अब अगले सीजन से अब इंडियन प्रीमियर लीग टाटा आइपीएल के नाम से जानी जाएगी। चीन की मोबाइल कंपनी वीवो अब आइपीएल के साथ अपना जुड़ाव समाप्त करने के लिए तैयार है और उसकी जगह टाटा ने आइपीएल के शीर्षक प्रायोजक के रूप में इस स्मार्टफोन ब्रांड की जगह ले ली है। मंगलवार को आइपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक के दौरान स्पान्सरशिप में बदलाव पर फैसला लिया गया।

इससे पहले भी वीवो ने साल 2020 में  भारत में चीन विरोधी भावना बढ़ने की वजह से आइपीएल स्पान्सरशिप के तौर पर अपना हाथ पीछे खींच लिया था। इसके बाद साल 2021 में फिर से वीवो ने मुख्य प्रायोजक के रूप में फिर से वापसी की थी। वहीं अब वीवो और आइपीएल का एसोसिएशन आइपीएल 2022 से ठीक पहले पूरी तरह से समाप्त होने के लिए तैयार है। VIVO और BCCI ने 2018 में आइपीएल के टाइटल स्पान्सरशिप के लिए 440 करोड़ रुपये का समझौता किया था। दोनों के बीच ये अनुबंध आइपीएल 2023 सीजन के बाद समाप्त होना था, लेकिन दोनों पक्ष समय से पहले अलग हो रहे हैं।

भारत की कंपनी टाटा पहली बार आइपीएल के साथ जुड़ने जा रही है और उनका टाइटल प्रायोजक होगा। आइपीएल का 15वां सीजन अब टाटा आइपीएल के नाम से जाना जाएगा। बीसीसीआइ के एक अधिकारी का कहना है कि वीवो ने आइपीएल के प्रायोजन डील से बाहर निकलने का अनुरोध किया था और गवर्निंग काउंसिल ने इसे मंजूरी दे दी है। अब बीसीसीआइ को टाइटल राइट्स के टाटा से भी वीवो जितना ही शुल्क मिलेगा। वहीं बीसीसीआइ देश में कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आइपीएल 2022 के पूरे सीजन को महाराष्ट्र में बायो-बबल वातावरण में आयोजित करने की योजना बना रहा है। 

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