अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर की सैन्य कार्रवाई

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और पत्नी गिरफ्तार, वैश्विक राजनीति में उबाल
अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के तहत वेनेज़ुएला में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है और दुनिया भर से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यह सैन्य अभियान सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन से जुड़े मामलों को लेकर चलाया गया। ऑपरेशन के दौरान राजधानी कराकस सहित कई अहम ठिकानों पर सैन्य गतिविधि देखी गई। इसके बाद राष्ट्रपति मादुरो को अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में देश से बाहर ले जाया गया।अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई पर बयान देते हुए कहा कि फिलहाल वेनेज़ुएला के प्रशासनिक हालात को संभालने की जिम्मेदारी अमेरिका निभाएगा, जब तक वहाँ स्थिर और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती। उनके इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेज़ुएला में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं, वहीं सरकारी संस्थानों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आम नागरिकों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।इस पूरे घटनाक्रम के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाने का फैसला किया है। कई देशों ने अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि कुछ देशों ने इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।भारत सहित कई देशों ने स्थिति पर चिंता जताई है और शांति व कूटनीतिक समाधान की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को वेनेज़ुएला यात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना लैटिन अमेरिका की राजनीति के साथ-साथ वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र की बैठक और अंतरराष्ट्रीय दबाव इस संकट की दिशा तय करेंगे।




