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उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने विदेशी मुद्रा सेवाओं और ईईएफसी खातों की शुरुआत की

वैश्विक लेनदेन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

लखनऊ, जनवरी 2026। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए व्यापक विदेशी मुद्रा (एफएक्स) सेवाओं और एक्सचेंज अर्नर्स फॉरेन करंसी (ईईएफसी) खातों के शुभारंभ की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य सीमा पार लेनदेन से जुड़े व्यक्तियों और व्यवसायों को आधुनिक, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर सुलभ बैंकिंग समाधान उपलब्ध कराना है।

बैंक द्वारा शुरू की गई नई विदेशी मुद्रा सेवाओं के अंतर्गत ग्राहकों को अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग समाधानों की विस्तृत श्रृंखला प्रदान की जाएगी। इनमें विदेश से धन प्राप्त करने के लिए इनवर्ड रेमिटेंस, विदेश धन भेजने के लिए आउटवर्ड रेमिटेंस तथा बहु-मुद्रा खातों के रूप में विदेशी मुद्रा जमा की सुविधा शामिल है। बैंक के अनुसार, इन सेवाओं के माध्यम से ग्राहकों को प्रतिस्पर्धी विनिमय दरें, तेज़ लेनदेन प्रसंस्करण और प्रशिक्षित विदेशी मुद्रा विशेषज्ञों की सहायता उपलब्ध होगी, जिससे अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन अधिक पारदर्शी और सुगम बनेंगे।

विदेशी मुद्रा सेवाओं के साथ शुरू किया गया ईईएफसी खाता विशेष रूप से निर्यातकों और विदेशी मुद्रा में आय अर्जित करने वाले पेशेवरों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इस खाते के माध्यम से ग्राहक अपनी विदेशी मुद्रा आय को भारतीय रुपये में तत्काल बदले बिना सुरक्षित रख और प्रबंधित कर सकेंगे। इससे मुद्रा उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलेगी और भविष्य की व्यावसायिक या यात्रा आवश्यकताओं के लिए विदेशी मुद्रा में तरलता बनी रहेगी। यह खाता स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय मुद्राओं में संचालित किया जा सकेगा तथा इसका उपयोग फेमा दिशानिर्देशों के अनुरूप अनुमत लेनदेन के लिए किया जा सकेगा।

इस अवसर पर उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के रिटेल लायबिलिटीज (टीएएससी और टीपीपी) प्रमुख श्री हितेंद्र झा ने कहा कि विदेशी मुद्रा सेवाओं और ईईएफसी खातों की शुरुआत के साथ बैंक का उद्देश्य ग्राहकों को एंड-टू-एंड अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग सुविधाओं से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि यह पहल निर्यातकों, फ्रीलांसर्स, अनिवासी भारतीयों (एनआरआई), सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों और अंतर्राष्ट्रीय यात्राओं से जुड़े ग्राहकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी।

बैंक अधिकारियों के अनुसार, नई सेवाओं के तहत प्रतिस्पर्धी दरों पर परेशानी मुक्त इनवर्ड और आउटवर्ड रेमिटेंस की सुविधा दी जाएगी, जिसे डिजिटल प्रक्रियाओं से जोड़ा गया है। इसके साथ ही ईईएफसी खाते के लिए समर्पित फॉरेक्स रिलेशनशिप मैनेजर्स, लचीले जमा विकल्प और डिजिटल व शाखा बैंकिंग चैनलों के साथ सहज एकीकरण की व्यवस्था की गई है। बैंक का मानना है कि यह कदम भारत के बढ़ते सीमा पार व्यापार और रेमिटेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने में सहायक होगा।

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