श्री नाथ नगरी सेवा समिति ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश

बरेली। श्री नाथ नगरी सेवा समिति के प्रदेश कोषाध्यक्ष शोभित अग्रवाल ने श्रावण मास के पावन अवसर पर समाज को एक विशेष संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने प्रकृति के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जीवन जीने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
शोभित अग्रवाल ने बताया कि श्रावण मास हिन्दू धर्म में भगवान शिव की पूजा और आराधना का विशेष समय माना जाता है। यह समय न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि आत्म-चिंतन, आत्म-शुद्धि और आत्म-विकास का भी एक अनमोल अवसर है।
श्रावण मास का महत्व:
- भगवान शिव की आराधना का श्रेष्ठ समय
- प्रकृति से जुड़ाव का अवसर
- आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का काल
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि प्रकृति का संरक्षण, उसका सम्मान, और जीवन को प्रकृति अनुरूप बनाना भी आवश्यक है।
शिव कृपा प्राप्त करने के उपाय:
- प्रकृति का सम्मान और संरक्षण करें
- जीवनशैली को प्रकृति के अनुरूप ढालें
- श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की आराधना करें
श्री नाथ नगरी सेवा समिति ने समाज से अपील की है कि वह इस संदेश को अपनाकर न केवल धार्मिक लाभ प्राप्त करें, बल्कि अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं। यह प्रयास समाज और पर्यावरण दोनों के हित में है।
समिति के इस प्रेरणादायक संदेश को श्रावण मास के पावन दिनों में अपनाकर हम सभी भगवान शिव की कृपा के पात्र बन सकते हैं।




