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बेटे से लिपटकर काफी देर तक रोती रही शबनम, बार-बार चूमती चेहरा…

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद के बावनखेड़ी कांड में फांसी की सजा पाने वाली आजाद भारत की पहली महिला शबनम के बेटे मुहम्मद ताज ने अपनी मां के लिए माफी की गुहार लगाई है।

राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद शबनम के 12 साल के बेटे ताज ने कहा है कि राष्ट्रपति अंकल जी, मेरी मां को माफ कर दो।

अपने बेटे से मिली शबनम-

13 दिसंबर 2008 को शबनम ने मुरादाबाद की जेल में एक बेटे को जन्म दिया था। जिसे बुलंदशहर के दंपती ने गोद लिया हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही दंपती उसे रामपुर जेल में बंद शबनम से मिलवाने ले गया था।

जब मां ने बेटे को देखा तो फफक कर रोने लगी और काफी देर तक शबनम बेटे से लिपटकर रोती रही।

शबनम बेटे से बार-बार कह रही थी कि पढ़-लिखकर अच्छा इंसान बनना। मैं बुरी मां हूं, मुझे कभी याद मत करना।

बच्चा करता रहा सवाल-

दंपती के मुताबिक, शायद उसे अपनी मौत का अहसास हो गया है। जेल से लौटते समय बच्चे ने दंपती से पूछा कि पापा, बड़ी मम्मी क्यों रो रही थीं। मुझे बार-बार क्यों चूम रही थीं।

ऐसा क्यों कह रही थीं कि पढ़-लिखकर अच्छा इंसान बनना। दंपती कहते हैं कि तारीख तय होने पर वह बच्चे को उसकी मां से अंतिम बार मिलवाने जरूर ले जाएंगे।

सात लोगों को कुल्हाड़ी से काट डाला था-

गौरतलब है कि 14 अप्रैल 2008 की रात जब शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने परिवार के 7 लोगों की हत्या की थी। उस वक्त वह दो महीने की गर्भवती थी।

शबनम ने जेल में ही ताज को जन्म दिया था। शबनम के दोस्त रहे उस्मान सैफी ने ताज को गोद ले लिया था। आज ताज 12 साल का है।

बेटे को है मां के गुनाहों का अहसास-

बुलंदशहर में भूड़ चौराहे के समीप सुशील विहार कॉलोनी में रहने वाले उस्मान सैफी के संरक्षण में पल-बढ़ रहे ताज को मां के गुनाहों का अहसास है।

उस्मान ने बताया कि ताज ने राष्ट्रपति से मां शबनम को माफ करने की मांग की है। 21 जनवरी को रामपुर जेल में ताज की हुई थी।

मां से मुलाकात उस्मान ने बताया कि फांसी की सजा पाने वाली शबनम मौजूदा समय में रामपुर जेल में बंद है।

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