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बसहरा गांव में धान महोत्सव का आयोजन, किसानों को आधुनिक खेती की दी गई जानकारी

जसरा (प्रयागराज):
जसरा प्रखंड के बसहरा गांव में आयोजित धान महोत्सव का उद्घाटन बुधवार को जसरा ब्लॉक प्रमुख श्री अजीत सिंह उर्फ पप्पू भैया, बसहरा के ग्राम प्रधान श्री राहुल सिंह, तथा गोवरा तरहार एवं कल्याणपुर के ग्राम प्रधानों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर धान की उन्नत खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख श्री अजीत सिंह पप्पू भैया ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में धान की खेती एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। समय पर बारिश न होना किसानों के लिए मुख्य समस्या है। ऐसे में किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाले और कम पानी में अधिक उपज देने वाले धान की किस्मों को अपनाना चाहिए, ताकि उत्पादन के साथ-साथ मुनाफा भी बढ़ाया जा सके।धान महोत्सव के दौरान किसानों को पायोनियर 27P37 धान के बीज के उपयोग की सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यह किस्म कम लागत में अधिक उत्पादन देने में सक्षम है, जिससे किसान बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने खेती से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर जानकारी हासिल की।कोर्टेवा एग्रिसाइंस कंपनी की ओर से विकास तिवारी ने बताया कि धान महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान की खेती की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और उत्पादकता बढ़ाने के उपायों की जानकारी देना है। उन्होंने कहा कि पायोनियर ब्रांड के माध्यम से बसहरा गांव सहित आसपास के किसान अपने खेतों में 27P37 किस्म की फसल तैयार कर अधिक लाभ कमा सकते हैं।कार्यक्रम में मोहम्मद मुस्तकिम एवं विजय चौहान द्वारा किसानों को Acre Nexx (धान की सीधी बुवाई) तकनीक के बारे में जागरूक किया गया, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।इस आयोजन में कोर्टेवा कंपनी के विकास तिवारी (ZEMM), जितेंद्र मिश्रा (ZSM), रिशेंद्र पोरवाल, अर्पिता भांजा और अजमेरुद्दीन ने भी किसानों को संबोधित कर तकनीकी जानकारी साझा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विकास तिवारी ने की, जबकि संचालन संदीप चंचल द्वारा किया गया।धान महोत्सव में किसानों की बड़ी भागीदारी रही और आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व कृषि विशेषज्ञों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

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